कांग्रेस के पूर्व विधायक विवेक धाकड़ की मौत का मामला,एक माह बाद भी सीएम के अधीन पुलिस के हाथ खाली

Dr. CHETAN THATHERA
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File Photo Vivek dhakad

भीलवाड़ा। जिले की मांडलगढ़ विधानसभा से कांग्रेस के पूर्व विधायक एवं युवा नेता विवेक धाकड़ की मौत हत्या या आत्महत्या इस गुत्थी को एक महावीर जाने के बाद भी पुलिस अभी तक नहीं सुलझा पाई है या इसे यूं कहीं तो अतिशयोक्ति नहीं होगी कि इस हाई प्रोफाइल मामले को लेकर अभी तक पुलिस के हाथ खाली है। जबकि कांग्रेस नेता धाकड़ की मौत अपने पीछे कई सवाल खड़े कर गई है और कुछ को संदेह के कटघरे में भी खड़ा कर गई है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के अधीन आने वाले पुलिस विभाग इस मामले में धीमी गति भी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।

विदित है भीलवाड़ा जिले की मांडलगढ़ विधानसभा से कांग्रेस के पूर्व विधायक एवं युवा नेता विवेक धाकड़ गत 4 अप्रैल को अपने आवास पर कुर्सी पर अचित अवस्था में बैठे मिले थे और उनके हाथ की नसें कटी हुई थी जिसे खून बड़ा था जब उन्हें अस्पताल लाया गया तो डॉक्टर ने उन्हें मृत्यु घोषित कर दिया था।

इस घटना की सूचना पर जब पुलिस मौके पर पहुंची तो पुलिस को वहां एक सुसाइड नोट मिला तथा उनके कमरे में पंखे पर फंदा लटका हुआ था तब प्रथम दृष्टि आई यह माना जा रहा था कि शायद विवेक धाकड़ ने आत्महत्या की लेकिन जब धाकड़ का मेडिकल बोर्ड से किए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आई जिसमें विवेक धाकड़ की मौत दम घुटने अर्थात फांसी लगने से हुई थी।

इस रिपोर्ट मैंने सभी को चौंका दिया था यहां तक पुलिस अधिकारी भी इसको लेकर चकित रह गए क्योंकि घटना के समय विवेक धाकड़ कुर्सी पर अचेत अवस्था में मिले थे और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अगर उनकी मौत फांसी लगने से हुई तो फांसी के फंदे से विवेक धाकड़ को किसने उतार और कुर्सी पर किसने बताया उनके हाथ की नसें किसने काटी और उसे आत्महत्या का रंग देने की कोशिश किसने की ? इस रिपोर्ट के बाद और ऐसे सवालों को लेकर पुलिस ने भी हत्या के दृष्टिकोण से जहां शुरू कर दी थी।

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इस घटना को एक महीना बीत गया है और मेडिकल पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के आने के अलावा सुसाइड नोट की फोरेंसिक रिपोर्ट भी आ गई है लेकिन आश्चर्य की बातें की हाई प्रोफाइल मामला होने के बाद भी अभी तक पुलिस के खाली हाथ हैं और किसी भी नतीजे पर पुलिस अभी तक नहीं पहुंच पाई है अगर विवेक धाकड़ की हत्या की गई तो आरोपी कौन है और उसे आरोपी तक पुलिस के हाथ क्यों नहीं पहुंचे ? यह पुलिस किसी कारण से अभी रुकी हुई है तो क्यों ? छोटे आपराधिक मामलो का खुलासा कर वाहवाही लूटने वाली पुलिस शांत कैसे है ?

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उधर दूसरी और मृतक विवेक धाकड़ की पुत्री का एक वीडियो अपनी मां के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह अपने दादा पूर्व जिला प्रमुख इंजीनियर कन्यालाल धाकड़ पर और पुलिस पर आरोप लगा रही है।

इस सबंधं मे पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यंत से फोन पर की बार बात कर पक्ष जानने की कोशिश की लेकिन उनसे बात नही हो पाई।

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चेतन ठठेरा ,94141-11350 पत्रकारिता- सन 1989 से दैनिक नवज्योति - 17 साल तक ब्यूरो चीफ ( भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़) , ई टी राजस्थान, मेवाड टाइम्स ( सम्पादक),, बाजार टाइम्स ( ब्यूरो चीफ), प्रवासी संदेश मुबंई( ब्यूरी चीफ भीलवाड़ा),चीफ एटिडर, नामदेव डाॅट काम एवं कई मैग्जीन तथा प समाचार पत्रो मे खबरे प्रकाशित होती है .चेतन ठठेरा,सी ई ओ, दैनिक रिपोर्टर्स.कॉम