बेरोकटोक दौड रहे है बजरी के ट्रेक्टर

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की उड़ रही है धज्जियां,तेजगति,तेज आवाज से दौड़ते टेक्ट्रर-ट्रॉलियाँ किसी दिन हो सकती है बड़ी अनहोनी आवां में बजरी के ढेरों को इकट्ठा करके बूंदी कोटा भेज रहे है ट्रक

दूनी सुप्रीम कोर्ट बजरी खनन पर पूर्णतया पाबंदी  के बावजूद भी खुले आम बजरी के टेक्ट्रर धड़ल्ले से दौड़ रहे है जिनका पुलिस व स्थानीय प्रशासन राजनीतिक बूते के आगे कार्यवाही के नाम पर दिखावा साबित हो रहे है,प्रशासन की मिलीभगत के चलते बजरी के खेल में काश्तकारो और सिवायचक भूमि पर बजरी के ढेर इकट्ठे करके बूंदी,हिण्डौली,कोटा,रावतभाटा सहितआसपास में मंहगे दामों पर बजरी भेजी जा रही है । जिससे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जिया खुले आम उड़ रही है । प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्टÑीय राजमार्ग 12 पर बंथली,संथली,सरोली,देवडावास से निकलने वाली बजरी को अब टेक्ट्ररों से भरकर आवां ग्राम के पेट्रोल पम्प के पास इकट्ठा करके बूंदी,कोटा,हिण्डौली,रावतभाटा तक यहां की बजरी भरकर भेजी जा रही है और ट्रक डाईवर भी सीधे रास्ते व मंहगे भाव में बजरी बिकने के चक्कर में खरीदकर आगे जाकर दुगने भावों में बेच रहे है,जबकि दिनोदिन बनास की निकासी के चलते क्षेत्र का जलस्तर कम होता जा रहा है लेकिन बजरी माफियों की राजनीतिक पहुच के चलते पुलिस और स्थानीय प्रशासन भी बोने साबित हो रहे है। ग्रामीणों ने अपना नाम न छापने पर बताया कि रात में तकरीबन बजरी के टेक्ट्ररों की लाईन लगी रहती है इतना ही नही बजरीसे भरे अधिकतर टेक्ट्रर-ट्रॉली बिना नम्बरों के होते है,और टेक्ट्ररों में लगे लाउड़स्पीकर की आवाज इतनी तेज होती है कि आसपास से गुजरने वालों की आवाज भी सुनाई नही देती है,टेक्ट्रर चालक तेजगति से टेक्ट्रर चलाते है जिससे आवां-दूनी मार्ग पर बसे लोगो को खाने में बजरी के उड़ते कण भी खाने पड़ते है लेकिन इन पर आवाज उठानों का साहस कोई नही कर पा रहा है ।