राजस्थान में अब कोयला सकंट होगा खत्म, सीएम गहलोत के प्रयास रंग लाए,केन्द्र ने दी खनन की…

Chief Minister Gehlot on a two-day visit to Bikaner-Nagore from today, will participate in various programs
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जयपुर / राज्य सरकार के छत्तीसगढ़ के सरगुजा स्थित परसा कोल ब्लॉक में कोयला खनन आरंभ करने की दिशा में राज्य सरकार एक कदम और आगे बढ़ गई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस, पेट्रोलियम और ऊर्जा डॉ. सुबोध अग्रवाल के अनुसार अब केन्द्र सरकार के कोयला मंत्रालय से भी क्लियरेंस मिल गई है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के प्रयासों से मंगलवार 2 नवंबर को केन्द्रीय कोयला मंत्रालय ने भी आवश्यक क्लियरेंस जारी कर दी है। इससे पहले केन्द्र सरकार के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से पिछली 21 अक्टूबर को ही क्लियरेंस प्राप्त हुई है। गत 15 दिनों मे राज्य सरकार दो महत्वपूर्ण विभागों से क्लियरेंस प्राप्त करने में सफल रही है।

एसीएस ऊर्जा डॉ. अग्रवाल ने बताया कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केन्द्र सरकार को आवश्यक सभी क्लियरेंस जारी करने के लिए पत्र लिखने के साथ ही छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखकर आवश्यक स्वीकृतियां जारी करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि अब केन्द्र सरकार के संबंधित विभागों से क्लियरेंस जारी होने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार से आवश्यक स्वीकृतियां जारी की जानी है जिसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं और माना जा रहा है कि इस माह के अंत या दिसंबर माह के शुरुआत तक छत्तीसगढ़ सरकार से भी आवश्यक क्लियरेंस मिल जाएगी।

एसीएस डॉ. अग्रवाल के अनुसार केन्द्र सरकार ने 2015 में राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम को 841.538 हैक्टेयर क्षेत्र का छत्तीसगढ़ के सरगुजा परसा कोल ब्लॉक आवंटित किया था। लेकिन लंबे समय से केन्द्रीय वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग और कोयला मंत्रालय आदि से क्लियरेंस नहीं मिलने से कोयले का उत्पादन शुरु नहीं हो पा रहा था।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा डॉ. सुबोध अग्रवाल के अनुसार 841 हैक्टेयर से अधिक क्षेत्र के इस ब्लॉक से कोयले का उत्पादन आरंभ होने पर राज्य को प्रतिदिन करीब 2.7 रैक कोयले की मिल सकेगी। एक मोटे अनुमान के अनुसार इस ब्लॉक में 5 मिलियन टन प्रतिवर्ष कोयला उत्पादन होने की संभावना है।

एक मोटे अनुमान के अनुसार इस नए ब्लॉक से सालाना एक हजार रैक मिलने की संभावना है वहीं इस कोल ब्लॉक में 30 साल में 150 मिलियन टन कोयले का अनुमानित भण्डार है। इससे प्रदेश के तापीय विद्युत गृहों के लिए राज्य कोल ब्लॉकों से भी अधिक कोयला मिलने लगेगा।
औपचारिकताएं पूरी कर जल्दी से जल्दी इस नए ब्लॉक में कोयले का उत्पादन शुरु कराने पर बल दिया