मातृदिवस पर राजस्थान के IAS की रचना, अन्धा प्यार 

Dr. CHETAN THATHERA
3 Min Read

हमारे वजूद का जब माँ को हुआ अहसास था,

माँ के लिए वो दिन वो पल बहुत ख़ास था।

माँ के आँचल में मानो समाया सारा आकाश था

मन मयूर मुदित हुआ हिये में हर्ष-उल्लास था।

आँखों में उम्मीद नयी साँसों में सुवास था,

चेहरे पर चमक थी प्रीत का मन में वास था।

Advertisement

स्नेह से भर गया था अपनी माँ का वक्ष,

कल्पनाओं में माँ बनाने लगी हमारा अक्स।

माँ के मन की मुरादें आसमाँ तक उछलने लगी,

माँ एक-एक क़दम संभल कर चलने लगी।

जो चीज़ हमको भाती थी माँ वही चीज़ खाती थी,

हमारा वजूद माँ की सबसे बड़ी थाती थी।

हमारा वजूद हमारी माँ का एक सुनहरा सपना था,

आत्मा को आनंद देने वाला वो वजूद उसका अपना था।

S.C.G.C.I SCHOOL TONK
ADVERTISEMENT

उस एक पल के अहसास में माँ ने कई साल जीये थे,

हमारी ख़ातिर माँ ने न जाने कितने जतन किये थे।

हमारी सलामती के लिए माँ हर कष्ट झेलती रही,

हमारे मधुर ख़यालों में वो हमसे खेलती रही।

हमारे जन्म से जवानी तक के ख़्वाब वो बुनती रही,

हमारी हर धड़कन तक माँ अपनी सुनती रही।

एक हक़ीक़त से सपनों की शृंखला निकल पड़ी थी,

हमारी ख़ातिर माँ हर मुश्किल से लड़ी थी।

 

हमारे बोले बिना माँ हमारा मन जान लेती थी,

हमारी हर ख़्वाहिश को माँ पहचान लेती थी।

माँ अनपढ़ भले ही थी मगर मन पढ़ लेती थी,

माँ अपने सपनों में महल हमारा गढ़ लेती थी।

हमारे चंचल मन की जो ख़्वाहिश होती थी,

वही तो अपनी माँ की फ़रमाइश होती थी।

ख़ुशी ख़ुशी सह लेती थी माँ हमारी लातें,

लातें खाकर भी वो करती थी प्यारी बातें।

 

माँ ने नहीं देखा था हमारा रंग रूप आकार,

हमारे वजूद को माँ ने कर लिया स्वीकार।

बिन देखे ही माँ हमसे करने लगी दुलार।

इसी को कहते हैं अंधा होता है प्यार।

माँ के प्यार में रंग-रूप का आकर्षण नहीं होता है,

माँ के प्यार का कोई कारण नहीं होता है।

हर माँ का अन्धा होता है प्यार,

अपनी माँ का सच्चा होता है प्यार।

©️✍…टीकम ‘अनजाना’, (IAS) जयपुर

M. No. 9414077899

Share This Article
Follow:
चेतन ठठेरा ,94141-11350 पत्रकारिता- सन 1989 से दैनिक नवज्योति - 17 साल तक ब्यूरो चीफ ( भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़) , ई टी राजस्थान, मेवाड टाइम्स ( सम्पादक),, बाजार टाइम्स ( ब्यूरो चीफ), प्रवासी संदेश मुबंई( ब्यूरी चीफ भीलवाड़ा),चीफ एटिडर, नामदेव डाॅट काम एवं कई मैग्जीन तथा प समाचार पत्रो मे खबरे प्रकाशित होती है .चेतन ठठेरा,सी ई ओ, दैनिक रिपोर्टर्स.कॉम