केन्द्र सरकार जुमले गढ़ना बंद करे,जरूरमंदो को नकदी की व्यवस्था जुटाए -पूर्व विधायक कमल बैरवा

10 कांग्रेस के पूर्व विधायक कमल बैरवा ने कहा हैं कि कोरोना वैश्विक महामारी की जंग को हराने के लिये सरकारी एडवाइजरी का पालन करना करे । उन्होंने कहा कि जननायक अशोक गहलोत ने लॉक डाउन के चलते समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक राहत सामग्री पहुचाकर लाभान्वित किया है।

पूर्व विधायक कमल बैरवा ने आज निवाई आगमन के दौरान बातचीत में बोल रहे थे । कोविड 19 के दौरान गहलोत सरकार ने लगभग सभी वर्गों का ध्यान रखा है तथा संकल्प लिया कि कोई भूखा ना सो पाए।राज्य के प्रत्येक परिवार का चूल्हा जले । इसके लिये ज़िला स्तर से लेकर ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।

जिसका ही नतीजा था कि राज्य में कोई भी भूखा नही सोया ।उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार सभी मोर्चो पर असफल ही साबित हुई हैं। चाहे वो आर्थिक हो अन्य ओर कोई । उन्होंने बताया कि दुकाने तो खुली लेकिन खरीददार नही है। सारे बाजार दयनीय स्थिति के कारण चरमरा गई ।

केंद्र की गलत नीतियों के चलते देश कंगाली में पहुँच गया है। वही राज्यो की माली हालत भी दयनीय हो गई है। केंद्र सरकार का 20 लाख करोड़ का आर्थिक पकेज भी जुमला ही साबित होगा ।

पूर्व विधायक कमल बैरवा ने कहा कि केंद्र सरकार मजदूरों को अपने हाल पर छोड़ दिया गया । ना समय पर उनको अपने घर पहुचाने की चिंता की ना उनके भोजन की । उन्होंने कहा कि केंद्र की बद इंतजामियो के चलते सड़को पर पैदल ही हजारो किलोमीटर की यात्रा करने को विवश हैं। जिनमे अबतक भीषण गर्मी में भूखे प्यासे चलते अबतक सेकड़ो लोग अपने गांव पहुचने की आस में बीच रास्ते मे ही दम तोड़ चुके है।

लेकिन केंद्र की असवेदनशील सरकार आजतक गरीब,मजलुमो की परवाह करती नही देखती नही । केंद्र अपने पूंजीपति मित्रो की ही मदद कर रहे हैं । गरीबो को अपने हाल पर छोड़ दिया । जिसमें स्त्री, पुरुषों,बच्चो की असमय मौत हो रही हैं । पर केंद्र की कुम्भकर्णी सरकार नींद से उठने का नाम ही नही ले रही है।

पूर्व विधायक कमल बैरवा ने कहा है कि राज्य सरकार की मंशा में था कि कोविड के समय गांव में एवं शहरी क्षेत्र में हुई मौतो के बाद उनके परिजनों को मोक्ष निःशुल्क यात्रा करवा कर प्रभावित परिवारों को लाभन्वित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश सरकार की कडे शब्दो आलोचना करते हुये कहा कि प्रियंका गांधी के एक इशारे पर यू,पी, बॉर्डर1000 बसों की व्यवस्था की । लेकिन योगी सरकार ने बेचारे मजदूरों को राजनीति लाभ के चलते यह मोटरों को गलत नम्बरो का होना एवं फिटनेस में कमियां बताकर श्रीमिको को बैठने नही दिया।

जबकि कार्यवाही के नाम पर यूपी सरकार ने एक भी बस मालिक के विरूद्ध कोई कार्यवाही नही करना संदेह प्रकट करता हैं।