महाविद्यालय में क्षतिग्रस्त दीवार व छत की मरम्मत करवाने की मांग को लेकर प्राचार्य को ज्ञापन दिया

Gave a memorandum to the principal demanding repair of the damaged wall and roof in the college

टोंक।  अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकायिों व विद्यार्थियों ने राजकीय महाविद्यालय में क्षतिग्रस्त दीवार व छत की मरम्मत करवाने की मांग को लेकर प्राचार्य को ज्ञापन दिया।

छात्र संघ अध्यक्ष दिनेश देवन्दा ने बताया कि परिषद की मांग पर प्राचार्य एवं कॉलेज प्रशासन ने महाविद्यालय के भवन का विद्यार्थियों के साथ निरीक्षण किया। जिसमें महाविद्यालय की गैलरी में लगी टाइलें टूटी हुई हैं। महाविद्यालय की दीवरों दरारों के रूप में क्षतिग्रस्त हा रही हैं। ऊपर की बिल्डिंग में कई कमरों की छतें भी क्षतिग्रस्त हो रखी हैं।

परिषद के पदाधिकारियों ने बताया किछात्रहित में देखते हुए महाविद्यालय की क्षतिग्रस्त दीवारों की छतों की मरम्मत तुरन्त प्रभाव से करवाने कराई। विद्यार्थियों ने मांग की है कि निरीक्षण करने के बाद मरम्मत की प्रक्रिया चालू करें और महाविद्यालय से पीडब्ल्यूडी विभाग को मरम्मत की प्रक्रिया का आदेश जारी करें।

भवन निर्माण कमेटी के साथ महाविद्यालय के क्षतिग्रस्त कमरों व  रविंद्र उद्यान में बने विधार्थियो के बैठने के लिए बने चबूतरों का निरीक्षण कर महाविद्यालय प्रशासन को क्षतिग्रस्त महाविद्यालय की मरमत कार्य को लेकर प्राचार्य को  अवगत करवाया, जिसमें छात्र संघ अध्यक्ष दिनेश देवन्दा, एबीवीपी विभाग संयोजक धारा सिंह फागणा, छात्र सेवक अजय डोई, छात्र संघ सयुक्त सचिव प्रियंका सोनी, एबीवीपी इकाई सचिव विकास तिवाड़ी, मेशराम गुर्जर आदि विधार्थी रहे।

 

रसायन शास्त्र विभाग में सेमीनार का आयोजन

टोंक।  राजकीय महाविद्यालय टोंक में रसायन शास्त्र विभाग में एमएससी पूर्वाद्ध के द्वितीय सेमेस्टर का सेमीनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में  रसायन विज्ञान प्रभारी डॉ बीना अग्रवाल ने विद्यार्थियों को सेमिनार के उद्धेश्य की जानकारी दी। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ बी एल बैरवा ने विद्यार्थियों को बिना हिचकिचाये सेमिनार देने के लिए  प्रोत्साहित किया।  सेमिनार प्रभारी डॉ श्याम सोनी ने बताया कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपने सिलेबस में से एक टॉपिक चुनकर उसका पीपीटी बनाकर प्रेजेंटेशन देना होता है उसी के आधार पर उनके माक्र्स आगे भेजे जाते हैं।  कार्यक्रम के अंत में डॉ रणजीत सिंह राठौड़ ने विद्यार्थियों को बताया कि सेमिनार देने से मंच पर बोलने की झिझक दूर होती है  व आत्मविश्वास बढ़ता है। इस कार्यक्रम में संकाय सदस्य डॉ एस पी सिंह ,डॉ दीपा सक्सेना ,डॉ अजय कुमार मीणा व डॉ सोनलता बडग़ोत्या भी उपस्थित रहे।