टोंक में खुलेआम चल रहा है, आईपीएल पर सट्टा जिले में 5 दर्जन से अधिक बुकी, एक मैच पर अरबो रूपयों का लगता है सट्टा – ऑन-लाईन अकाउंट से होता है लेन-देन

10 teams and 70 league matches in IPL-15 will last for 58 days.

टोंक।(फिरोज़ उस्मानी)। आईपीएल मैच शुरू होते ही जिले के सटोरिये भी सक्रिय हो जाते है। पुलिस की नाक के नीचे करोड़ो रूपयां का सट्टा कारोबार चल रहा है। बावजूद इसके पुलिस आखें मूदें बैठी है।

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल ) के मैचों पर टोंक में भी करोड़ो रूपये का सट्टा लगाया जा रहा हैं। सूत्रों के मुताबिक बुकियों के तार सीधे दिल्ली,जयपुर,कोटा व निवाई व मुंबई से जुड़े हुये हैं। क्रिकेट पर सट्टा लेने वाले बुकी लुक छुपकर सट्टे की बुकिंग कर रहे हैं। हर आईपीएल मेचों पर करोड़ो रूपयां का सट्टा चलता है।

जानकारी के अनुसार टोंक में इस समय लगभग आईपीएल मैचो पर सट्टा लगाने वाले 22 बुकी, निवाई में लगभग 25 से 30 बुकी व देवली में लगभग 15 से 20 बुकी होना बताया जा रहा हैं। जानकारी के अनुसार टोंक,निवाई व देवली में आईपीएल के एक मैच पर करीब 1 अरब रूपये का सट्टा बुक किया जाता हैं। यह बुकी बिना किसी डर खौफ के अपने काम को अंजाम देते हैं। सट्टा बुकिंग करने वालो के तार सीधे दिल्ली व मुंबई से जुडे होते हैं

ऑनलाईन चलता है, सट्टा

सट्टे की बुकिंग उदयपुर,जयपुर व आसपास के जिलों में ऑनलाईन की जाती हैं। उदहारण के तौर पर किसी को उदयपुर से सट्टा लगाना होता है तो वह बुकी को अपना अकाउंट नंबर दे देते है, और बुकी अपना अकांउट नंबर सट्टा लगाने वाले को दे देते हैं। हार जीत होने पर पैसे का लेनदेन घर बैठे हो जाता हैं। ऑनलाईन इस सट्टे के लिए बुकी मोबाईलों व कम्प्यूटर का प्रयोग करते हैं। सूत्रों की माने तो सट्टा लेने वाले बुकियों को स्थानीय पुलिस का भय नही रहता।

शहर में कई जगह है ठिकानें
शहर में कई स्थानों पर खुलेआम सटोरिएं किक्रेट पर दांव लगाते दिखाई देते है। काफला बाजार, घंटाघर, पुरानी टोंक, बड़ा-कुआं, तख्ता, काली -पलटन आदि ऐसे कई क्षैत्र है। शहर के मुख्य चौराहों पर स्थित चाय की दुकानों पर टीवी पर मैच चलाए जा रहे है। जंहा बुकी अपने सट्टे के कार्य को बखूबी अंजाम दे रहे है।

दिल्ली मुंबई से जुड़े है तार
मैच पर सट्टा खेलने वालों के तार कई अन्य राज्यों से भी जुड़े है, ये लोग ऑन-लाईन मैच पर सट्टा लगाते है। कई बार पुलिस कार्यवाई में मैच पर सट्टा लगाते हुए सटोरियों को पकड़ा है। इनसे बरामद सामग्री से पुलिस ने कई सटोरियों के अन्य राज्यों से तार जुड़ा होना माना है। बावजूद इसके आजतक पुलिस सरगना तक नही पहुच पाई है।