Jaipur News(फिरोज़ उस्मानी ) – राजनीती में मतभेद हो सकते है, लेकिन इसका मतलब ये नही है कि हम मारपीट पर उतारू हो जाएं। ऐसी बातों को लेकर किसी जनप्रतिनिधि पर हमला (Attack) करना निंदनीय है,सभ्य समाज में किसी भी प्रकार की हिंसा स्वीकार्य नही है।
में कड़े शब्दों में ऐसे कार्यो पर निंदा प्रकट करता हॅूं। हमें ऐसे तत्वों से सावधान रहना होगा। हम इस पूरे मामलें में संज्ञान लेगें। पुलिस भी इस मामलें में सज्ञंान लें। हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal )पर बाड़मेर में कलेक्ट्रेट का घेराव करने के दौरान हुए हमले को राजस्थान के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने गलत ठहराते हुए कहा। उन्होंने कहा कि
राज्य की सरकार को सभी जनप्रतिनिधि इस तरह की बातों की कड़े शब्दों में निंदा करें। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल पर हमले की भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ने भी निंदा करते हुए कहा है कि इस तरह से किसी भी जनप्रतिनिधि पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए । इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि सभी जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा पुख्ता की जाए।
ये है मामला है – बाड़मेर में प्रभावित किसानों को न्याय दिलाने के लिए नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने बाड़मेर में कलेक्ट्रेट का घेराव किया था। इसी दौरान एक युवक ने, जिसका नाम खरताराम था। हमला किया और हनुमान बेनीवाल की गिरेबान पकडक़र नीचे खींच लिया। हालांकि, वह चाकू से हमला नहीं कर पाया और हनुमान बेनीवाल के समर्थकों ने उसको पकड़ कर पिटाई कर दी। बाद में पुलिस उसको दूर ले गई । और घायल अवस्था में जोधपुर रेफर किया गया। इससे पहले भी हनुमान बेनीवाल पर बायतु कस्बे में हमला किया गया था। बेनीवाल ने इस मामले को लेकर एफ आई आर दर्ज करवाई है।
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल पर बार बार हो रहे ऐसे हमले दर्शातें है कि राजनिती पार्टी का एक धड़ा इनके बड़ते कद से किस कदर हताश है। राजनीति में जनप्रतिनिधियों पर होते ऐसे हमलों से सरकार पर सवालियां निशां खड़े होते है।