For the sixth time in the third term of the Gehlot government, instead of Jaipur, this time Udaipur was chosen.
जयपुर राजस्थान

राज्यसभा चुनाव: 104 विधायक की पहुंचे कांग्रेस की बाड़ेबंदी में, 21 अभी भी बाहर

जयपुर। प्रदेश की 4 राज्यसभा सीटों पर हो रहे चुनाव के चलते उदयपुर में कांग्रेस की ओर से की गई बाड़ेबंदी में भले ही 115 विधायक पहुंचने का दावा किया जा रहा हो लेकिन कांग्रेस के बाड़ेबंदी में अभी तक केवल 104 विधायक की पहुंचे हैं।

बाड़ेबंदी में रह रहे विधायकों ने भी इसकी पुष्टि की है। 104 विधायकों में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी शामिल हैं, जबकि कांग्रेस खेमे के माने जाने वाले 21 विधायक अभी भी बाड़ेबंदी से बाहर हैं। हालांकि इनमें अधिकांश विधायक ऐसे हैं जो अपने व्यक्तिगत कारणों या फिर बीमारी के चलते बाड़ेबंदी में नहीं पहुंचे हैं।

21 में से 16 विधायक कांग्रेस पार्टी के
इधर बाड़ेबंदी में नहीं जाने वाले 21 विधायकों में से 16 कांग्रेस पार्टी के हैं। वहीं दो विधायक बीटीपी , दो माकपा और एक विधायक निर्दलीय हैं। हालांकि कांग्रेस पार्टी का दावा किया जा रहा है कि भले ही विधायक बाड़ेबंदी में नहीं पहुंचे हो लेकिन वह सभी कांग्रेस के साथ हैं और कांग्रेस के पास कुल 126 विधायकों का समर्थन है।

कांग्रेस के ये 16 विधायक नहीं पहुंचे बाड़ेबंदी में
वहीं कांग्रेस के जिन 16 विधायक बाड़ेबंदी में नहीं पहुंचे हैं उनमें दीपेंद्र सिंह शेखावत, वेद प्रकाश सोलंकी, भंवर लाल शर्मा, जौहरी लाल मीणा, मुरारी लाल मीणा, रूपाराम मेघवाल, परसराम मोरदिया, महेश जोशी, विश्वेंद्र सिंह, रमेश मीणा, हरीश चौधरी, रघु शर्मा, दयाराम परमार, प्रमोद जैन भाया, सचिन पायलट और सीपी जोशी हैं।

हालांकि सीपी जोशी विधानसभा स्पीकर होने के नाते संवैधानिक पद पर हैं। ऐसे में वो बाड़ेबंदी में शामिल नहीं हो सकते हैं।

पायलट-भाया बाड़ेबंदी से वापस लौटे

इधर सचिन पायलट और कैबिनेट मंत्री प्रमोद जैन भाया बाड़ेबंदी में शामिल होकर वापस लौट गए हैं। सचिन पायलट जहां दिल्ली में है तो वहीं प्रमोद जैन भाया प्रदेश से बाहर चले गए हैं।
यह विधायक बीमारी के चलते नहीं हुए शामिल
वहीं कई विधायक ऐसे भी हैं जो बीमारी के चलते कांग्रेस की बाड़ेबंदी में शामिल नहीं हो पाए हैं। उनमें दीपेंद्र सिंह शेखावत, वेद प्रकाश सोलंकी, भंवर लाल शर्मा, जौहरी लाल मीणा, मुरारी मीणा, रूपाराम मेघवाल और परसराम मोरदिया हैं।

हरीश चौधरी और रघु शर्मा प्रभार वाले जिलों प्रदेशों में

इधर कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी अपने प्रभार वाले राज्य पंजाब में व्यस्त हैं तो वहीं रघु शर्मा अपने प्रभार वाले राज्य गुजरात में व्यस्त हैं। ऐसे में दोनों विधायक बाड़ेबंदी में शामिल नहीं हुए।
कांग्रेस को नहीं फिलहाल कोई खतरा
कांग्रेस के विधायक भले ही बाड़ेबंदी में शामिल नहीं हुए लेकिन राहत वाली बात यह है कि इन 16 विधायकों से कांग्रेस पार्टी को खतरा नहीं है।

क्योंकि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के अधिकृत विधायक पोलिंग एजेंट को दिखाकर वोट देंगे। ऐसे में उनका वोट कांग्रेस पार्टी को ही जाएगा।
माकपा-बीटीपी को मनाने की कवायद
वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीटीपी के दो, माकपा के दो और एक निर्दलीय विधायक बलजीत यादव को मनाने की कवायद तेज कर दी है। इसके पहले सियासी संकट के दौरान सरकार बचाने और राज्यसभा चुनाव में भी माकपा और बीटीपी और निर्दलीय विधायक ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया था।

Sameer Ur Rehman
Editor - Dainik Reporters http://www.dainikreporters.com/