भाजपा कार्यकर्ता सार्वजनिक काम की बजाय तबादलों के काम ज्यादा ला रहे है और मंत्रियों के सामने तबादले की गुहार लगा रहे है।

जयपुर । भाजपा मुख्यालय में मंत्रियों की जनसुनवाई में जनसमस्याओं के स्थान पर तबादलों की अर्जियों ज्यादा आ रही है। कार्यकर्ता सार्वजनिक काम की बजाय तबादलों के काम ज्यादा ला रहे है और मंत्रियों के सामने तबादले की गुहार लगा रहे है। मंगलवार को भी जनसुनवाई में श्रम मंत्री जसवंत सिंह यादव और सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनने आए किन्तु कार्यकर्ताओं ने तबादलों की अर्जियां थमा दी।

जनसुनवाई के बाद मीडिया से बात करते हुए श्रम मंत्री ने कहा कि भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं से तबादलों की अनुशंसा ली जा रही है और जो नियमों में आएंगे उनको पहली प्राथमिकता पर लिया जाएगा। सरकार में विधायकों के अलावा भाजपा नेताओं की सिफारिश पर तबादले करने के लिए मुख्यमंत्री ने भी निर्देश दिए हैं। इस दौरान यादव कांग्रेस पर तबादलों से पैसा उगाने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस नेताओं की सिफारिश पर तबादले नहीं किए जाएंगे क्योंकि कांगे्रस नेता तबादलों के नाम पर व्यापार करते हैं।

यादव ने कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद की दौड़ के लिए मचे घमासान को कबड्डी का खेल बताया और कहा कि यहां अशोक गहलोत और सचिन पायलट दोनों ही मुख्यमंत्री का दावेदार बता रहें हैं वहीं सीपी जोशी लोगों को क्रिकेट दिखाकर सीएम बनने के सपने देख रहें हैं। कांग्रेस पहले तो इस कबड्डी का कप्तान तय करे,अभी तो इनकी कप्तानी में ही लड़ाई हो जाएगी और इतना लड़ेंगे कि ये 30-40 सीटों पर ही आ जाएंगे।