राजस्थान में पायलट राहुल से मुलाकत के बाद फिर कल से 5 दिन प्रदेश दौरे पर मैदान में,सियासत गर्म 

जयपुर/ राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच चल रही वर्चस्व की लड़ाई सरकार के इस आखिरी साल में भी जारी रहने के आसार हैं और इसके संकेत इस बात से लगाए जा सकते हैं कि बजट सत्र और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के द्वारा बुलाए गए चिंतन शिविर के दिन से ही सचिन पायलट राहुल गांधी से मुलाकात के बाद कल से प्रदेश में 5 दिन तक लगातार दौरे कर जनसभाएं करेंगे ।

पायलट के इस दौरे और सभाओं को लेकर प्रदेश की सियासत एक बार फिर इस कड़ाके की सर्दी में गर्माहट ला दी है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार के 4 साल एक कामकाज और आगे की रणनीति को लेकर कल से 2 दिन का चिंतन शिविर कर रहे हैं और 23 जनवरी से राजस्थान का बजट सत्र शुरू होने जा रहा है ।

लेकिन दूसरी ओर राहुल गांधी से मुलाकात के बाद सचिन पायलट कल से ही राजस्थान में 5 दिन तक अलग-अलग जगह दौरा कर जनसभाएं करेंगे उनके दौरे का कार्यक्रम भी जारी हो चुका है ।

जो इस प्रकार है सचिन पायलट 16 जनवरी को नागौर के परबतसर से अपने पांच दिवसीय दौरे की शुरुआत करेंगे और यहां किसान सम्मेलन आयोजित किया गया है ।

जबकि अप्रत्यक्ष रूप से यह जनसभा है इसके बाद 17 जनवरी को हनुमानगढ़ के पीलीबंगा में 18 जनवरी को झुंझुनू के गुढा 19 जनवरी को पाली के सादड़ी मैं किसान सम्मेलन और सब आए होगी तथा 20 जनवरी को जयपुर के महाराजा कॉलेज में पायलट की सभा रखी गई है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा बुलाए गए चिंतन शिविर और बजट सत्र से पहले पायलट की होने वाली सभा को लेकर कांग्रेस की आंतरिक सियासत एक बार फिर तेज हो गई है और दूसरी ओर जहां जहां पायलट की सवाने हैं ।

वहां वहां पायलट के समर्थक पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं और पायलट की सभा को सफल बनाने के लिए जी जान से जुटे हुए हैं ।

पायलट की इन सभाओं को लेकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि बजट सत्र के दौरान एक बार फिर पायलट समर्थक विधायक और मंत्री सरकार के इस आखिरी साल में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सरकार को घेर सकते हैं ।