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शातिर नकबजन गिरोह का पर्दाफाश, पांच बदमाशों को पुलिस ने दबोचा

 

 

बदमाशों से 48 एलईडी टीवी और 55 गैस सिलेण्डर भी बरामद

जयपुर।  राजधानी जयपुर में बढ़ती चोरी व नकबजनी की वारदातों को लेकर वेस्ट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है । विश्वकर्मा थाना पुलिस ने एक नकबजन गिराहे का पर्दाफाश करते 20 लाख रुपए के माल चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए पांच बदमाशों को धर-दबोचा है।

बदमाशों ने आधा दर्जन से अधिक चोरी की वारदात को अंजाम देना कबूला है। वहीं पुलिस ने बदमाशों की निशानदेही के आधार पर ब्रांडेड कम्पनी की 48 एलईडी टीवी और 55 गैस सिलेण्डर भी बरामद किए हैं। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ करने मे जुटी है।

डीसीपी वेस्ट अशोक गुप्ता ने बताया कि बड़ा गांव निवासी राहुल (20), रोड नंबर 17 निवासी कमल नायक (28), उद्योग विहार निवासी करण सिंह सौलंकी (20), मूलत: बिहार हाल दधीचि नगर मुरलीपुरा निवासी अभिषेक चौबे उर्फ विकास (22) और मूलत: कटनी मध्यप्रदेश हाल जेएस कॉलोनी विश्वकर्मा निवासी अभि तिवारी उर्फ निलेश उर्फ नीलू (22) को गिरफ्तार किया गया है और आरोपियों ने वारदात करना कबूला है।

वहीं थाना इलाके में सीकर निवासी अरुण कुमार का गोदाम है। जहां पर 12-13 अगस्त की रात्रि को नकबजनी की वारदात हुई थी। पीड़ित की रिपोर्ट के अनुसार करीब 60 एलईडी चोरी हुई थी।

रिपोर्ट के आधार पर वारदात की तफ्तीश शुरू की तो और मुखबिर से सूचना मिली कि कानोता थाना इलाके स्थित बड़ा गांव निवासी राहुल उर्फ कानाराम सैन और उसके साथियों ने इस नकबजनी की वारदात को अंजाम दिया है।

थानाधिकारी जिंदल ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की तो उन्होंने मुरलीपुरा इलाके में भी सिलेंडर चोरी की वारदात स्वीकार की है। उन्होंने करीब 15 दिन पहले कई दर्जन सिलेंडर चुराए थे। पुलिस आरोपियों का रिकॉर्ड खंगाल रही है,जिससे अन्य वारदातों का खुलासा हो सकें। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर सोमवार तक रिमाण्ड पर लिया है।

20 लाख से ज्यादा का माल बरामद: आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 60 में से 48 एलईडी टीवी बरामद किया है वहीं 55 इंडेन कम्पनी के सिलेंडर भी बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक करीब 70 सिलेंडरों की चोरी हुई है। शेष बचे माल की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। बरामद माल की करीब 20 लाख रुपए से ज्यादा कीमत है।

वारदात का तरीका

यह गिरोह वारदात करने से पूर्व सभी मीटिंग कर माल निकालने, लोड करने, बाहर निगरानी रखने, सीसीटीवी कैमरे बंद करने, चोरी का माल परिवहन के लिए वाहन का इंतजाम करने, माल को स्टोर करने और ग्राहक तलाश कर उसे बेचने के लिए कार्य विभाजन करके पुख्ता योजना बनाते है। उक्त गिरोह द्वारा सडक पर माल से भरे हुए खड़े ट्रकों व ट्रासंपोर्ट कंपनी के बाहर रखे हुए सामान को चोरी करना व फैक्ट्री,गोदाम आदि के शटर,गेट तोडकर अंदर प्रवेश कर वाहन को दूर खडा कर आसपास की निगरानी कर वारदात करते थे।

liyaquat Ali
Sub Editor @dainikreporters.com, Provide you real and authentic fact news at Dainik Reporter.

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