उदयपुर-अहमदाबाद ब्राॅडगेज का पथ रोशन करने वाली ‘किरण

किरण माहेश्वरी
File Photo - किरण माहेश्वरी
Udaipur News/ कौशल मूंदड़ा। राजनीतिक जीवन में कई जंग जीतने वाली स्वभाव से ही हंसमुख व हर जरूरतमंद की सहयोगी व कार्यकर्ताओं के लिए दीदी के रूप में पहचान रखने वाली उदयपुर की पहली महिला सभापति, पूर्व सांसद, राजस्थान की पूर्व मंत्री व वर्तमान में राजसमंद विधायक किरण माहेश्वरी कोरोना से लड़ते-लड़ते हार गईं और सभी को सावधानी बरतने का भी सख्त संदेश दे गईं। जिसने भी सुना, वह हैरान रह गया कि वे हमारे बीच में नहीं रहीं।
न जाने उन्होंने कितने ही लोगों का पथ अपने हरसंभव सहयोग से आलोकित किया, लेकिन उन सभी के बीच एक पथ और था जो उन्होंने ‘मार्बल की लालटेन’ से आलोकित किया और वह था, उदयपुर-अहमदाबाद आमान परिवर्तन का पथ। वर्ष 2004 से 2008 तक उदयपुर की सांसद रहते हुए उन्होंने उदयपुर-अहमदाबाद ब्राॅडगेज के लिए पुरजोर प्रयास किए। उदयपुर वाले भूले नहीं होंगे जब राजस्थान पत्रिका ने विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ उदयपुर-अहमदाबाद आमान परिवर्तन की मांग को लेकर पोस्टकार्ड अभियान चलाया था जिसमें उदयपुर सिटीजन सोसायटी, राजस्थान पंचायती राज शिक्षक संघ अगुआ हुए थे और बाद में उदयपुर-अहमदाबाद रेल मार्ग पर आने वाले सभी क्षेत्र, सभी समाज, संगठन इस अभियान में भागीदार बनते गए।
उदयपुर की सांसद होने के नाते किरण माहेश्वरी ने भी यह आवाज सदन में लगातार उठाई। इतना ही नहीं, उनकी अगुवाई में उदयपुर में लिखे गए 51 हजार पोस्टकार्ड तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव को सौंपे गए। सांसद किरण के प्रयासों का असर ही माना जाए कि रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने रेलवे की दो दिन की बैठक उदयपुर में प्रस्तावित की। उदयपुर में रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव परिवार सहित आए और मेहमाननवाजी का जिम्मा तब किरण माहेश्वरी ने निभाया। रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव सबसे पहले मोती मगरी वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को नमन करने पहुंचे और उसके बाद सिटी पैलेस, हल्दीघाटी आदि स्थलों पर भी गए। दूसरे दिन वे किरण माहेश्वरी के अम्बामाता स्कीम स्थित घर भी गए जहां माहेश्वरी ने उन्हें मार्बल की लालटेन (लालू प्रसाद यादव की पार्टी का चुनाव चिह्न) भेंट की।
इस दौरान उदयपुर के संगठनों, पत्रकारों ने उदयपुर-अहमदाबाद आमान परिवर्तन की घोषणा के लिए लालू प्रसाद यादव के समक्ष मांग उठाई और उन्होंने पत्रकार वार्ता में इसकी घोषणा भी की जिसमें उन्होंने उल्लेख किया कि इसके लिए उदयपुर की सांसद किरण माहेश्वरी उन्हें लगातार आग्रह करती रही हैं। लेकिन, रेलवे महकमे की ओर से जारी अधिकृत प्रेस नोट में उनकी पत्रकार वार्ता में की गई इस घोषणा का उल्लेख नहीं किया गया। तब एक बार फिर किरण माहेश्वरी के जरिये ही यादव तक यह बात पुरजोर तरीके से पहुंचाई गई और पूछा गया कि उनकी पत्रकार वार्ता में की गई घोषणा को अधिकृत माना जाए या इसे सिर्फ आश्वासन माना जाए, तब यादव ने माहेश्वरी के घर पर बैठे-बैठे ही सम्बंधित अधिकारियों को बुलवाया, फटकार लगाई और दुबारा संशोधित प्रेस नोट जारी करवाया जिसमें उदयपुर-अहमदाबाद आमान परिवर्तन की घोषणा का उल्लेख किया गया।
राजस्थान पत्रिका का तब रेलवे बीट रिपोर्टर होने के नाते मैं इस सारे घटनाक्रम का साक्षी रहा क्योंकि किरण माहेश्वरी ने उनका मोबाइल लालू प्रसाद यादव को दे दिया और उनसे मेरी बात कराई। इसके बाद का घटनाक्रम वरिष्ठ फोटोग्राफर कमल कुमावत ने बताया क्योंकि तब वे किरण माहेश्वरी के आवास पर फोटोग्राफी कर रहे थे।
उदयपुर में घोषणा के बाद रेल बजट में भी उदयपुर-अहमदाबाद आमान परिवर्तन की घोषणा का सभी को इंतजार रहा और रेल बजट में जिक्र आते ही उदयपुर ने एक बार फिर इस घोषणा का स्वागत किया। आमान परिवर्तन के कार्य का सफर शुरू तो हुआ, लेकिन यह आमान परिवर्तन परियोजना अब भी पूरी नहीं हुई है, इसका काम जारी है और उम्मीद है कि अगले दो साल में यह सौगात उदयपुर को मिल जाएगी। इस परियोजना के लिए 2008 के बाद भी उदयपुर के सांसद प्रतिनिधियों ने लगातार आवाज उठाई है।
विडम्बना ही है कि कोरोना महामारी ने असमय एक उभरते महिला नेतृत्व को छीन लिया। उदयपुर-अहमदाबाद आमान परिवर्तन हो या राजसमंद में खारी फीडर का कार्य, उदयपुर के मानसी वाकल से राजसमंद तक पीने का पानी ले जाने की चिंता हो, राजसमंद और पिछोला झील को चुनरी ओढ़ाने का संकल्प हो या चारभुजाजी तक पदयात्रा का प्रण, उनके सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक आदि क्षेत्रों में योगदान को याद रखा जाएगा। मेवाड़ क्षेत्र से उनके जैसा महिला नेतृत्व खड़ा होना तपस्यापूर्ण पथ होगा।

किरण माहेश्वरी का राजनीतिक सफर

1990-92 महासचिव उदयपुर जिला भाजपा महिला मोर्चा
1992 एकता यात्रा में भागीारी एवं जम्मू प्रदर्शन में भाग लिया, 6 दिसम्बर कार सेवा में भाग लिया
1993-94 अध्यक्ष, उदयपुर देहात जिला भाजपा महिला मोर्चा
1994-99 सभापति, उदयपुर नगर परिषद
2000-04 प्रांतीय अध्यक्ष, भाजपा महिला मोर्चा, राजस्थान
2002-03 सदस्य राष्ट्रीय कार्यकारिणी, भाजपा
2004 प्रदेश महासचिव, भाजपा, राजस्थान
2004-08 सांसद, उदयपुर
2004-07 राष्ट्रीय सचिव, भाजपा
2007 राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाजपा महिला मोर्चा
2008 विधायक, राजसमंद
2011 राष्ट्रीय महासचिव भाजपा
2014-16 राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भूजल विभाग
2016-18 राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
2019 विधायक, राजसमंद
(लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं)