जय प्रभा के मोहिनी अट्टम में खिले वासंती रंग

उदयपुर, । पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की ओर से आयोजित शास्त्रीय संगीत व नृत्य समारोह ‘‘ऋतु वंसत’’ का समापन बुधवार देर शाम डाॅ. जयप्रभा मेनन के मोहिनी अट्टम की मोहक प्रस्तुति से हुआ। जिसमें भरक्ति रस के साथ ऋतुओं के दृश्य बिम्बों और ऋतुराज वसंत के लावण्यपूर्ण दर्शकों रंग देखने को मिले।शिल्पग्राम के दर्पण सभागार में आयोजित तीन दिवसीय ऋतु वसंत के आखिरी दिन डाॅ. जय प्रभा मेनन व उनके दल की मोहिनी अट्टम प्रस्तुति शानदार रही। केरल की प्राचीन कला शैली मोहिनी अट्टम की सशक्त हस्ताक्षर डाॅ. जय प्रभा व उनके समूह ने अपनी सम्मोहिनी नृत्य भंगिमाओं से दर्शकों को अभिभूत सा कर दिया। नृत्य प्रदर्शन की शुरुआत गणेश स्तुति से हुई जिसमें मृदुला उन्नी, सी. निवेदिता, एशवर्या नायर, राधिका मेनन व सुनीता मेनन ने अपने आकर्षक नर्तन से प्रस्तुति को सौन्दर्यमयी बनाया।

इसके बाद डाॅ. जय प्रभा मेनन ने लास्य श्रृंगार में बसंत ऋतु करते हुए भगवान को सखियों के साथ ऋतु का आनन्द उठानते एवं रंग खेलते दर्शाया गया। इसके पश्चात ऋतु लीला में डाॅ. जय प्रभा मेनन व साथियों ने पहले शरद ऋतु का वर्णन अनूठे अंदाज में किया। इसमें नृत्यांगनाओं की भाव भंगिमाएं और सामंजस्य उत्कृष्ट रहा। इसके बाद शिशिर ऋतु और फिर बसंत ऋतु का वर्णन किया जिसमें महाकवि कालिदास की रचना ‘‘ऋतु संहार’’ को आधार बना कर प्रस्तुति दी गई।

इसमें बसंत ऋतु में वातावरण का रोमांस, फूलों की सुंदरता और प्रफुल्लित मानव मन की भावनाओं को श्रेष्ठ ढंग से दर्शाया गया। प्रस्तुति में कोटोकल वाद्य पर जयंत, मृदंगम पर तंजावुर आर.के. सुनयन, वीणा पर श्यामला भास्कर तथा अनूठे वाद्य एडिक्या पर सतीश ओदुवल ने संगत की।
इससे पूर्व जिला कलेक्टर चेतन देवड़ा, केन्द्र निदेशक किरण सोनी गुप्ता तथा डाॅ. जय प्रभा मेनन ने सांझ का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया। कार्यक्रम की एंकरिंग सालेहा गाजी द्वारा की गई।