यूनानी चिकित्सक फार्माकोविजिलेंस के महत्व को समझ कर औषधियों का उपयोग करना सुनिश्चित करें- डॉ. शर्मा

यूनानी मेडिकल कॉलेज चराई में फार्माकोविजिलेंस नेशनल सेमिनार का भव्य समारोह आयोजित

Sameer Ur Rehman
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टोंक । शहर के समीप ग्राम चराई में स्थित यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ यूनानी टोंक में आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा यूनानी फार्माकोविजिलेंस विषय पर एक दिवसीय नेशनल सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में औषधियों का उचित कल्टीवेशन, क्वालिटी मैन्युफैक्चरिंग और उनका सही प्रयोग एवं चिकित्सा में भ्रामक विज्ञापनों के बारे में जानकारी दी गई।

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद इरशाद खान ने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों से आए चिकित्सकों ने सेमिनार में भाग लेकर औषधियों के सुरक्षित उपयोग एवं दुष्प्रभाव को रोकने पर चर्चा की।

सेमिनार कार्यक्रम के मुख्य अतिथि यूनानी कॉलेज के नोडल अधिकारी डॉ. राकेश कुमार शर्मा ने कहा कि हमें फार्माकोविजिलेंस के महत्व को समझना होगा ताकि हम रोगियों एवं आमजन में औषधियों का सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित कर सके।

मुख्य वक्ता फार्माकोविजिलेंस की जेआरएफ डॉ. ज्योति जोशी ने रिपोर्टिंग डाटा कलेक्शन एवं पब्लिशिंग पर जोर देते हुए कहा कि औषधियों का सही से कल्टीवेशन न करने, सही मैन्युफैक्चरिंग ना होना, गलत डोज देने या गलत तरीके से प्रयोग करने से उनके दुष्प्रभाव प्रभाव हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह भ्रांति है कि हर्बल औषधि नुकसान नहीं करती अगर उनके प्रयोग की प्रक्रिया का सही पालन नहीं किया गया तो इसके भी नुकसान भी हो सकते हैं।

कॉलेज के मीडिया प्रभारी प्रो. डॉ. सरफराज ने बताया कि कार्यक्रम में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रो. डॉ. जावेद ने कहा कि फार्माकोविजिलेंस का कॉन्सेप्ट हमेशा से ही रहा है।

यूनानी चिकित्सा के हकीम इसके प्रति जागरूक थे और उन्होंने औषधियों के प्रॉपर कल्टीवेशन और औषधि में पाये जाने वाले साइड इफेक्ट्स को दूर करके कैसे उनकी मैन्युफैक्चरिंग की जाए एवं मौसम और रोगी के कुव्वत व मौसम के अनुसार किस तरह औषधि का इस्तेमाल किया जाए ताकि मरीजों पर उनके दुष्प्रभाव न आये यह प्राचीनकाल से ही उन्होंने बताया है। उन्होंने चिकित्सकों को फर्माकोबिजलेस के प्रति जागरूक होने एवं औषधि के एडवर्स इफ़ेक्ट की रिपोर्टिंग पर जोर दिया।

यूनानी कॉलेज टोंक में फार्माकोविजिलेंस का पेरीफेरल सेंटर स्थापित डॉ. फिरोज खान

सेमिनार में फर्माकोबिजलेस केंद्र के कोऑर्डिनेटर डॉ. फिरोज खान ने कहा ने कहा कि फार्माकोविजिलेंस का पेरीफेरल सेंटर यूनानी कॉलेज टोंक में स्थापित हो चुका है अगर किसी भी औषधि के किसी भी तरह के दुष्प्रभाव आते हैं तो उनको उनकी रिपोर्टिंग इस केंद्र में करना चाहिए। मीडिया प्रभारी प्रोफेसर सरफराज अहमद ने बताया की सेमिनार में उपस्थित आमजन ने भाग लेकर फार्माकोविजिलेंस के महत्व को समझा।

चिकित्सालय प्रभारी एवं उप प्राचार्य डॉ. नाजिया ने अतिथियों का जताया आभार

यूनानी चिकित्सालय बग्गी खाना की प्रभारी एवं उप प्राचार्य डॉ. नाजिया शमशाद एवं डॉ. एमन सिद्दीकी ने प्रोग्राम के सफल आयोजन के लिए अतिथियों, कॉलेज के छात्र-छात्राओं, बग्गी खाना चिकित्सालय के समस्त कार्मिकों एवं आमजन का आभार जताया। मीडिया प्रभारी सरफराज ने बताया कि कार्यक्रम में डॉ. आसिफ, डॉ. मुश्ताक अहमद, डॉ. सैयद अब्दुल मुजीब, डॉ. शाहिद अली खान, डॉ. खालिद अली खान, डॉ. राशिद अली खान, डॉ. हिना जफर, डॉ. फातिमा अंजुम, डॉ. सुमबुल एवं बग्गी खाना चिकित्सालय के समस्त कार्मिकों ने भाग लिया।

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Editor - Dainik Reporters http://www.dainikreporters.com/