जिलाध्यक्ष का पद बना बागी बनाम कांग्रेसी, जल्द हो सकती है, नए जिलाध्यक्ष की घोषणा – जिलाध्यक्ष का पद आलाकमान के लिए बना टेड़ी खीर, चार साल से जिलाध्यक्ष पद पर रामबिलास चौधरी काबिज 

Congress does not have money for elections
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टोंक, (फिरोज़ उस्मानी)। विधानसभा चुनाव के 6 माह से कम समय बचा है, बावजूद इसके अब तक भी टोंक जिला कांग्रेस कमेटी में बरसों से एक ही पद पर काबिज कांग्रेसियों का अपने पद से मौहभंग नही हो रहा है। यंहा तक की प्रदेश कांग्रेस कमेटी संगठनात्मक परिवर्तनों में टोंक जिला अछूता ही रहा है। इसके साथ ही जिलाध्यक्ष का पद भी आलाकमान के लिए टेड़ी खीर ही साबित हुआ है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार जल्द ही टोंक में नए जिलाध्यक्ष के लिए घोषणा होने की संभावना है।

     चार साल में नही बदला जिलाध्यक्ष

कई बार प्रदेश कांग्रेस कमेटी में चले संगठनात्मक परिवर्तन में लोगों द्वारा कयास गढना शुरू कर दिए जाते है। लेकिन चार वर्ष गुजरने के बाद भी टोंक जिला कांग्रेस कमेटी में कोई खासा परिवर्तन देखने को नही मिला है। कई बार दबी-दबी आवाज में जिलाध्यक्ष बदलने के कयास भी लगे है। बावजूद इसके पिछले चार वर्ष से जिलाध्यक्ष पद पर रामबिलास चौधरी आसीन है। रामबिलास चौधरी के नाम पर कई बार असंमजस की स्थिति भी बनी । लेकिन चौधरी को कोई भी ठस से मस नही कर पाया।

   जिलाध्यक्ष पद की दोड़ में ये है शामिल

काफी समय से जिलाध्यक्ष पद पर रामबिलास चौधरी ही आसीन है। वही दूसरी ओर जिलाध्यक्ष पद की दोड़ में प्रमुख नाम लक्ष्मण गाता, प्रवक्ता सुनिल बंसल, शिवजीराम मीणा, पूर्व निवाई विधायक कमल बैरवा, मणिकांत गर्ग, पूर्व जिला प्रमुख कल्ली देवी मीणा, जिला महामंत्री दिनेश चौरासिया, पूर्व सेवादल जिलाध्यक्ष धमेन्द्र सालोदिया शामिल है। अब देखना ये होगा की आलाकमान टोंक जिलाध्यक्ष का ताज किसे पहनाती है।