वृक्ष की धरती मां का असली श्रृंगार और हमारे जीवन का आधार है -सैनी 

टोंक, । राज्य के कृषिमंत्री डा.प्रभुलाल सैनी ने कहा कि वृक्ष की धरती मां का असली श्रृंगार और हमारे जीवन का आधार है। हरियाली कर ओर वृक्ष लगाकर और ही हम जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण से हो रहे विनाश से अपना और प्रकृति का बचाव कर सकते हैं। उक्त विचार कृषि मंत्री सैनी ने क्षेत्र के प्रमुख आस्था के धाम और पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान बनाते अखनेश्वर महादेव पर पौधारोपण कार्यक्रम मे कार्यकताओं के बीच प्रकट किए। इस अवसर पर मंत्री ने पौधारोपण करने के लिए कुदाल और फावड़ा चला कर कार्यकताओं का जोश भी बढ़ाया। इस दरमियान गर्मी और परिश्रम से उनके शरीर से पसीना बह निकला। जिले मे गहराए जल संकट को राज्य के कृषि मंत्री डॉ. प्रभु लाल सैनी ने गम्भीरता से लेकर उसके समाधान की पहल की है। रविवार को अपने पैतृक निवास आवां पर अभाव-अभियोग सुनते हुए मंत्री सैनी ने टोंक जिला कलेक्टर सूबेसिंह यादव सहित जलदाय विभाग के अभियन्ताओं को आवश्यकतानुसार पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था करने के दिशा-निर्देश दिए। तथा जरूरतमन्द पंचायतों मे टेंकर से जल वितरण करने की त्वरित कार्रवाही अमल मे लाने को कहा। इस अवसर पर मंत्री ने स्वीकृति जारी होने के बावजूद बिसलपुर का पानी वंचित गावों मे पंहुचाने मे हो रही देरी को लेकर परियोजना के प्रबन्धक सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को लताड़ पिलाकर अविलम्ब बाधित आपूर्ति को बहाल करने की हिदायत भी दी। बाबू लाल जांगिड़, राधेश्याम चन्देल, खेमराज गुर्जर, छीतर डागर, महेन्द्र मीना, रसाल देवी आदि जनप्रतिनिधियों ने बताया कि क्षेत्र के जल-स्त्रोत सूखने के कगार पर है। अधिकांश ट्यूबवेल, हेण्डपम्प और कुओं का पानी टूट चुका है। पेयजल को लेकर ग्रामीण और मवेशी दूर-दराज को भटक रहे है। आवां सरपंच राधेश्याम चन्देल ने जानकारी दी कि कस्बे मे पेयजल आपूर्ति पूरी तरह लडख़ड़ा गई है। विभाग की ओर से संचालित तीनो ट्यूबवेलों मे पाईप बढ़ाने के बावजूद नाम मात्र का पानी आने से लोगों के नलों मे दस दिनो से बून्द भी नहीं टपकी है। मंत्री के निवास पर जिले की विभिन्न तहसीलों के लोगो ने जिले मे पेयजल की किल्लत से उपजे हालातों से अवगत करा आमजन, मवेशियों के साथ वन क्षेत्रों मे भी वैकल्पिक व्यवस्था कराने की गुहार लगाई।कृषि मंत्री ने वहां रोपित विभिन्न किस्मों के पौधों की प्रकृति, गुणधर्म और उनकी देखभाल के गुर बताते हुए इन्हे पालने की कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी भी सौंपी। अखनेश्वर परिवेश के सौन्दर्य निखार के लिए कार्यकर रही संस्था सार्वजनिक निर्माण विभाग के टोंक स्थित अधिशाषी अभियन्ता आर सी बैरवा ने बताया कि इस अवसर पर यहां रविवार को कृषि मंत्री के निर्देशन मे लगभग 4 दर्जन पौधे लगाए गए। टे्रमीनेरिया, सिजोटिया पाम, एरिका पाम, बिसिया पाम, फाईकस पाण्डा, फाईकस बेन्जामिन, चम्पा, बेंगन वेलिया, जरकेन्डा, अमलताश, गुलमोहर, नीम ,पीपल, बरगद आदि के पांच से बारह फीट लम्बे पौधों के रोपण से बाल -उद्यान का नजारा ही बदल गया। इस मौंके पर वहां मौजूद अधिकारियों और पत्थर पर कलाकृतियां कुरदने वाले कारीगरों ने यहां सिंह द्वार, छतरियां, फव्वारों के साथ सौर ऊर्जा हाईपावर की 25 लाईट्स लगाने के प्रस्तावों को अन्तिम रूप भी दिया। इस मौके पर विभाग के अभियन्ताओं के साथ मुम्बई, जसपुर व सिकन्दरा के कारीगर, सम्बंधित ठेकेदार,शिक्षक नेता प्रमोद स्वर्णकार, पदम गोयल, रामलाल माहुर, दयाकृष्ण , मनीष जैन, देव लाल, सहित अन्य लोग मौजूद रहे।