मेहनत रंग ला रही है बन रही है महिलाये आत्म निर्भर :- सैनी, 

 


सर्जन संस्था के चौथे महासम्मेलन में साढे चार हजार महिलाओं ने की शिरकत
दूनी।  राज्य में आज महिलाऐं प्रगति के पथ पर आत्मनिर्भर होकर आगे बढ रही है जमाने के बदलते परिवेश से नारी के उत्थान की कहानी बया करने में सरकार और सर्जन संस्था का योगदान आज महिलाओं को आत्मनिर्भर बना दिया है । उक्त उद्गार प्रदेश के कृषि व पशुपालन मंत्री पभुलाल सैनी ने रविवार को कस्बे में आयोजित सर्जन संस्था द्वारा आयोजित महिला महासम्मेलन में में व्यक्त किये ।
सैनी ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार कृषि और पशुपालन में महिलाओं के उत्थान के लिये अनेको योजना चला रही है जिसमें महिलाऐं भागीदारी निभाकर खुद को आत्मनिर्भर बना रही है आधुनिकता के दौर में कृषि क्षेत्र में विदेशों में होने वाली पैदावर काश्तकार महिलाओं की मदद से कामयाब हों रहा
है वैसे भी महिलाओं के बिना मनुष्य अधूरा है । कार्यक्रम में तहसील क्षेत्र की 4500 महिलाऐं अलग-अलग समूह का निर्माण करके खुद का व्यवसाय कर रही है । किसी जमाने में महिला समूह को बैक ऋण देने के लिये मना कर देता
था लेकिन आज आगे आकर बैकों द्वारा 5 लाख से अधिक के ऋण दिया जा रहा है जिससे महिलाऐ अपने समूह के माध्यम से दस हजार लीटर दूघ प्रतिदिन दे रही है जिससे दिनो दिन प्रगति कर रही है । एक राष्ट्रीय स्तर के गैर सरकारी संगठन सर्जन के सहयोग से 4500 महिला मजबूत एसएचजी फेडरेशन मैत्रीमहिला मंडल द्वारा रविवार को  चौथा
महासम्मेलन आयोजित किया गया । जोकि पिछले दस साल से नियमित कार्य कर रहा है और  मैत्री महिला डेयरी के नाम से सफल व्यवसाय कर रही है । गांवों में महिलाऐं शराब की दुकाने बंद करवाकर घरेलू हिंसा रोकने का प्रयास किया जा
रहा है । मंत्री मंडल की अध्यक्ष मीरा कुमार ने कृषि व पशुपालन मंत्री से दो मांग रखी है कि सरकारी समर्थन में दूघ,घी,पनीर की पैकींग प्लान लगाने की और  सरकारी समर्थन
गांव की महिलाऐं शराब बंदी अभियान में जुड़कर अपना जीवन यापन अच्छे से गुजार रही है,इस मौके पर सुपसन साखियों के माध्यम से युवा प्रशिक्षित महिलाये सामुदायिक हस्तक्षेप परियोजना के मातृ एंव बाल पोषण सुधार और
स्वास्थ्य के स्थिति में सुधार कर रही है,सर्जन संस्था द्वारा 2006 में दो गांवों की महिलाओ से दैनिक 150 लीटर दूघ से शुरू हुआ आज दस हजार लीटर प्रतिदिन के हिसाब से संग्रह हो रहा है, 11 महिलाओं को बोर्ड के लिये
चुना गया,वर्तमान में मैत्री मंडल द्वारा साना 3.40 करोड की बचत कर रहा है, एक करोड पिछले साल 7 करोड का लोन चुकता किया । मूल्यवर्धितउत्पादों की ब्रिकी शुरू करने के लिये माय के अपने पेस्टाइजेशन और पैकजिंग प्लाट
को शुरू करने के लिये सरकारी समर्थन दूसरी बात अनुरोध किया आर एसीपी योजना हो सकती है टोक की 12 पंचायतों से शुरू किया गया । मैत्री के काम को सलाम किया महिलाओं के दिमाग में आगे बढने और व्यापार में अपना स्थान
बनाने की बात पर जोर दिया वित्तीय सहायता का वादा किया मैत्री डेयरी के लिये कहा कि मेरी पूरी टीम को गांवों में भेजकर गांव दूनी तहसील के ख्वासपुरा पंचायत में रसाल देवी ने भी सभा को सबोधित किया महिलाओं में एकता की मिसाल को दोहराया ।