टोंक

कलक्टर कहते रहते है, हादसे होते रहते है – कनिष्ट अभियंता ने रिसीव नहीं किया फोन

करंट प्रवाहित तार से दो मवेशियों की मृत्यु
पीपलू । ग्रामीणों की शिकायत पर कलक्टर द्वारा आदेश दिए 24 घंटे भी नहीं हुए थे कि बिजली निगम कनिष्ट अभियंता ने आदेशों को हवा में ही उडा दिया। बिजली निगम की इस लापरवाही से ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।
जानकारी अनुसार प्यावडी गांव में शनिवार तडक़े रामलाल-जगदीश कुम्हार के खेत में करंट प्रवाहित तार टूटकर गिर गए थे। जिनकी चपेट में आने से एक सांड व एक गाय की भी मृत्यु हो गईथी। हालांकि किसी व्यक्ति के वहां से नहीं गुजरने से बडा हादसा टल गया। ग्रामीणों की सूचना पर सरपंच श्रवण गुर्जर मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिजली विभाग के कनिष्ट अभियंता, सहायक अभियंता को कई फोन किए, लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। जबकि शुक्रवार को गांव में आयोजित न्याय आपके द्वार शिविर में ग्रामीणों द्वारा कनिष्ट अभियंता के फोन नहीं उठाने की जिला कलक्टर आर.सी. ढेनवाल को शिकायत भी की गईथी, जिस पर कलक्टर ने अभियंता को प्रत्येक परिस्थति में फोन रिसीव करने के सख्त निर्देश दिए थे। जिन निर्देशों को 24 घंटे भी नहीं बीत थे कि अभियंता ने उन निर्देशों की धज्जियां ही उडा दी। ग्रामीणों ने बताया कि निगम के ऐसे अभियंताओं के भरोसे तो बड़ा हादसा भी हो सकता है।

इनको सूचना देने पर भी नहीं पहुंचा कोई
सरपंच ने बिजली निगम के अभियंताओं के फोन रिसीव नहीं करने पर उपखण्ड अधिकारी, जिला प्रमुख को सूचना दी। लेकिन इनकी सूचना के बाद भी बिजली निगम का न अभियंता, न लाइनमेन मौके पर पहुंचे। इस पर ग्रामीणों ने कलक्टर को अवगत करवाने का प्रयास किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया। पुलिस को सूचना देने पर पुलिसकर्मियों ने घटनास्थल पर आकर मौका पर्चा बनाया है। वहीं पटवारी ने भी मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया है। सरपंच सहित ग्रामीणों में निगम के प्रति गहरी नाराजगी है।
यहां भी हो चुकी है घटना
इससे पहले पीपलू के राजकीय सामूदायिक चिकित्सालय परिसर में लगे ट्रांसफार्मर के करंट की चपेट में आने से गुरुवार शाम को एक सांड की मृत्यु हो गई थी। हालांकि बडा हादसा होने से टल गया था। वहीं कठमाणा में ट्रांसफार्मर उतारते समय एकदम रस्सी खुलने से गिर गया था। इससे पहले अहमदगंज गांव में ढीले तारों की चपेट में आने से दो महिलाएं झुलस गईथी। बडा हादसा टल गया था। रानोली में बिलायती बंबूलों में फंसे हुए तार अंधड़ में टूटने पर हादसे का सबब बन सकते है। लेकिन विभाग इन हादसों से सबक लेने की बजाय चुप्पी साधे मौन बना हुआ है।
सांसद को कर चुके हैशिकायत
सोहेला के ग्रामीण तो कनिष्ट अभियंता, लाइनमेन के फोन रिसीव नहीं करने की शिकायत सांसद को भी कर चुके है, लेकिन ग्रामीणों की शिकायत पर सभी अनदेखा रवैया अपनाए हुए है।
इनका कहना है
सुबह 6 बजे करीब तार टूट गया था। जिसकी चपेट में आने से मवेशियों की मृत्यु हुईथी। सूचना पर मैने फोन रिसीव किया था और बिजली बंद करवा दी थी। कार्मिक को मौके पर भेजकर बिजली सुचारू करवा दी है। सरपंच का फोन आया जब में गाडी पर था, इसलिए रिसीव नहीं कर पाया। हमने कन्ट्रोल रूम कॉल सेन्टर बनवाकर रखा है, सबको नम्बर दे रखे है। उन पर कॉल करना चाहिए। संदीप, कनिष्ट अभियंता सोहेला

liyaquat Ali
Sub Editor @dainikreporters.com, Provide you real and authentic fact news at Dainik Reporter.

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