टोंक

Tonk:सचिन पायलट ने सआदत अस्पताल पीएमओ को लगाई लताड़,निरीक्षण के दौरान कई चिकित्सक मिले नदारद

Tonk News (फ़िरोज़ उस्मानी)। काफी लंबे समय बाद सचिन पायलट(Sachin Pilot) एक्शन में दिखाई दिए। टोंक सआदत अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं की शिकायतों पर आज पूर्व डिप्टी सीएम व टोंक विधायक सचिन पायलट(Sachin Pilot) अचानक सआदत अस्पताल पहुच गए।

अस्पताल में पीएमओ खेमराज बंशीवाल समेत आउटडोर में कई चिकित्सक नदारद मिले। पायलट के अस्पताल पहुचने के भी 15 मिनिट बाद पीएमओ पहुचे। पायलट ने पीएमओ को जमकर लताड़ लगाई।

पायलट ने पीएमओ पर नाराजगी जताते हुए अनुशासन से कार्य नही करने पर कार्य छोड़ देने तक कि बात कही। मौजूद मरीज़ों ने पायलट से चिकित्सको की लेट लतीफी सहित चिकित्सको द्वारा अपनी निवास पर बुलाकर बड़ी फीस वसूलने के आरोप लगाए।

मरीज़ों का आरोप था कि गरीब मरीज़ों को कमीशन की दवाएं लिखी जाती है। निरीक्षण के दौरान शुगर व बीपी नापने तक के उपकरण नही मिले। पायलट ने मौके पर जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल को बुलाकर अस्पताल की स्थिति सुधार के निर्देश दिए।

पूर्व में भी हो चुके है निरीक्षण

हालांकि इससे पूर्व भी कई उच्चाधिकारियों व मंत्रियों द्वारा ऐसे औचक निरीक्षण किए जा चुके है, निरीक्षण में सआदत अस्पताल में कई अव्यवस्थाओं का जमावड़ा मिल चुका है। बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई अमल में नही लाई जाती है।

कहीं खानापूर्ति ना बन जाए

पायलट का ये औचक निरीक्षण भी केवल खानापूर्ति दिखाई दे रहा है। आमजन की इतनी गंभीर शिकायतों के बाद भी पायलट अस्पताल में व्याप्त कमियों को जल्द दुरुस्त करने का आश्वासन देते ही दिखाई दिए है। अब सवाल लाज़मी उठता है कि अस्पताल प्रशासन पर किसी भी तरह की कोई कार्रवाई अमल में क्यों नही लाई गई ?

Firoz Usmani
Firoz Usmani Tonk : परिचय- पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षो से संवाददाता के रूप में कार्यरत हुंॅ, 9 साल से राजस्थान पत्रिका ग्रुप के सांयकालीन संस्करण (न्यूज़ टुडे) में जिला संवाददाता के रूप से कार्य कर रहा हंू। राजस्थान पत्रिका न्यूज़ चैनल में भी अपनी सेवाएं देता रहा हूं। एवन न्यूज चैनल में भी संवाददाता के रूप में कार्य किया है। अपने पिता स्व. श्री मुश्ताक उस्मानी के सानिध्य में पत्रकारिता की क्षीणता के गुण सीखें। मेरे पिता स्व.श्री मुश्ताक उस्मानी ने भी 40 वर्षो तक पत्रकारिता के क्षैत्र में कार्य किया है। देश के कई बड़े न्यूज़ पेपर से जुड़े रहे। 10 वर्ष दैनिक भास्कर में ब्यूरों चीफ रहें।