बिना मचान की वन्यजीव गणना जान जोखिम में डाली

नही दिखाई दिया पैंथर

टोंक,जिले में बीते दिन प्रातः 9बजे से प्रारंभ हुआ 48 जल स्रोतों पर वन्यजीव गणना का कार्य आज सवेरे 9 बजे समाप्त हो गया इन24 घंटों के दौरान वनकर्मियों के अलावा वन्यजीव प्रेमियों नें भी इस वन्यजीव गणना मेंबढ़-चढ़कर अपनी हिस्सेदारी निभाई ।

 इस वन्यजीव गणना में वन विभाग का फोकस रानीपुरा में पाये जाने वाले कृष्णमृगों व बीसलपुर कंजर्वेशन रिज़र्व में बड़ी संख्या में पाये जाने वाले सांभरों के अलावा टोंक शहर से सटे लगभग 1000हैक्टेयर वाले कच्चा बंधावन क्षैत्र पर भी रहा जहां पिछले कई माह सेलगातार पैंथर परिवार द्वारा छोटे वन्य प्राणियों का शिकार किया जाना जारी हैं । यहां वनकर्मियों के साथ वन्यजीव प्रेमी मनोज तिवारी,अनिल विजय व बहादुर सिंह भी मौजूद रहे और बेहद ज़ोखिम भरी मानी जा रही वन्यजीव गणना को अपने कैमरे में रिकॉर्ड किया । यहां वन विभाग द्वारा वनकर्मियों के लिये मचान या फिर किसी बंद वाहन तक का इंतज़ाम नहीं किया गया था ठसे में हिंसक प्राणियों के बीच वनकर्मी झाड़ियों में बैठकर इस कार्य को अंजाम देते नज़र आये ।

यहां शाम होते ही सियार,लोमड़ी,नीलगाय व साही के अलावा इस क्षैत्र में बड़ी संख्या में पायेजाने वाले लकड़बग्घे भी जलस्रोत पर पानी पीने के लिये पहुंचे लेकिन यहां आज प्रातः नौ बजे तक भी पैंथर का मूवमेंट रिकॉर्ड नहीं हो पाया । यहां वन्यजीव गणना का यह कार्य फोरेस्टर वीर सिंह राजावत के नेतृत्व में हरजेंद्र गुर्जर व सीताराम कुम्हार भी मौजूद रहे ।आप यहां वन विभाग द्वारा बनाये गये डबल्यूएचएस में शाम होते ही लकड़बग्घों की आवाजाही नज़र आयी और उन्होंने पानी मेंबैठ अपनी गर्मी मिटाये जाने के बाद वापिसजंगल की ओर लौटते नज़र आये इस दौरान नील गायों का झुंड उनके भये के चलते ऊंचाई पर ही खड़ा नज़र आया इधर कृष्ण मृगों के लिये पहचाने जाने वाले रानीपुरा व उससे सटे गांवों में की गई वन्यजीव गणना में दादू दयाल पर्यावरण संस्थान के सदस्य महावीर मीणा,बाबूलाल मीणा व हरकेश मीणा भी शामिल हुए  वन विभाग द्वारा फिलहाल सभी जलस्रोतों पर मिली वन्यजीवों की मौजूदगी के आंकडों को संग्रहित किया जा रहा है ।