उद्देश्य में पवित्रता हो तो लक्ष्य दूर नही-तोमर

उद्देश्य में पवित्रता हो तो लक्ष्य दूर नही-तोमर

टोंक । पारिवारिक न्यायालय पी. सी. तोमर के सफलतापूर्वक तीन वर्ष पूर्ण ने के बाद स्थानान्तरण सीकर हो जाने केउपलक्ष्य में कई सरकारी व गैर सरकारी शिक्ष ण्  संस्थानों सहित सामाजिक संगठनों द्वारा चौधरी चरण सिंह विद्यालय हाउसिंग बोर्ड में आयोजित विदाई समारोह भावपूण रूप से सपन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि पारिवारिक न्यायाधीश के रूप में तोमर की कार्यशैली तीन वर्षो में एक सौ चार बिखराव की स्थिति में पहुंच गये । वैवाहिक जोड़ों को दुबारा नई जिन्दगी के अवसर मिले। दूसरे रूप में जिले भर के उच्च शिक्ष ण् संस्थानों में न्यायाधीश तोमर द्वारा छात्र-छात्राओं,शिक्षकों, अभिभावकों को भी इन तीन वर्षो में अलग-अलग सत्रों द्वारा मोटीवेशन के ५२ सत्रों द्वारा आध्यात्मिक रूप से
सकारात्मक अपनाकर मन की व्यापक क्षमताओ को आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। इन सस्थानों में विशेषकर वनस्थली विद्यापीठ,डॉ. के. एन. मोदी, अजीम प्रेम जी फाउण्डेशन जैसे दर्जनों संस्थान शामिल है। विदाई समारोह में जिला शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र सिंह, कोठी नातमाम हाई
सैक ण् डरी प्राचार्य दिनेश शर्मा, सैन्ट सोल्जर प्राचार्य अलका सक्सैना, प्रेमचंद चौधरी, हरिराम किवाड़ा, शिवजीराम चौधरी सरोली, केन्द्रीय विद्यालय मेजरमहीपाल चौधरी, सैन्ट जोजफ पूर ण्  सिह यादव सहित अन्य शिक्ष ण्  संस्थाओं के प्राचार्यों ने न्यायाधीश पी. सी. तोमर
द्वारा दिये गये प्रेरणादायक कार्यक्रमों को न सिर्फ विद्यार्थियों अपितु उनके अभिभावकों सहित शिक्षा जगत से जुड़े लोगों के लिए भी महत्वपू ण बताया। इस अवसर पर चौधरी चरण सिंह  विद्यालय के निदेशक हरिराम चौधरी ने जिले के दुरस्त क्षैत्रों से आये प्राचार्यो का अभवादन स्वागत करते हुए न्यायाधीश तोमर द्वारा
विद्यार्थियों छात्र-छात्राओं के समग्र विकास के लिए दिये गये महत्वपूर्ण समय के प्रति उनको साधुवाद देते हुए उनके द्वारा आयोजित सभी सत्रों को छात्रों के लिए ही नही मानव समाज के लिए हितकारी अनूठी पहल बताते हुए ।इसके निरन्तरता की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम से विदा लेते हुए न्यायाधीश तोमर ने न्यायाधीश के रूप में तीन वर्षो में आमजन से मिले सहयोग को जीवन की विशेष उपलब्धि बता अपने आर्शीवनों में कहा कि उद्देश्य में पवित्रता हो तो लक्ष्य दूर नही। समारोह में चौधरी चरण सिंह विद्यालय प्रशासन द्वारा न्यायाधीश् को स्मृति प्रतीक देकर पारपरिक रूप से विदाई ली।