Gandhi Darshan
टोंक राजस्थान

गांधी दर्शन पर जिला स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन

 टोंक। राजकीय महाविद्यालय, टोंक में आजादी का अमृत महोत्सव एवं गांधी सप्ताह के अन्तर्गत  ष् गांधी अतीत ही नहीं, भविष्य भी है ष् विषय पर जिला स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडीएम परशुराम धानका तथा डॉ. पी.सी.जैन तथा विशिष्ट अतिथि कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ई. हैदरी तथा गांधीवादी विचारक मुजीब अता आजाद थे एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अहिंसा प्रकोष्ठ के समन्वयक अनुराग गौतम ने की।

कार्यक्रम का प्रारम्भ माँ सरस्वती एवं गांधी जी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता डॉ. पी.सी. जैन ने कहा कि गांधी जी राजनीतिक व्यक्ति होते हुए भी आध्यात्मिक एवं मानवतावादी दृष्टिकोण से परिपूर्ण थे एवं उन्होंने अपना जीवन सत्य एवं अहिंसा को मानते हुए निरंतर प्रयोगशील रखा। स्वावलम्बन एवं स्वाध्याय पर बल देते हुए उन्होंने स्वयं बुनाई, सफाई एवं किसान के रूप में कार्य भी करते हुए कर्म एवं श्रम की महत्ता को स्थापित किया है।

उनकी दक्षिण अफ्रीका यात्रा एक निर्णायक घटना थी जिसने उन्हें रंग भेद एवं अस्पृश्यता जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ लडने के लिए प्रोत्साहित किया उनकी अहिंसा विरोधी पक्ष को पीड़ा पहुचाने के बजाय उसके हृदय परिवर्तन पर बल देती थी। आज के परिप्रेक्ष्य में गांधी जी के सर्वधर्म समभाव के द्वारा ही स्थायी शान्ति संभव है।

एडीएम परशुराम धानका ने कहा की गांधी के संस्मरणों से नई पीढ़ी में राष्ट्रीयता, आपसी सौहार्द्र एवं सहिष्णुता की भावना का संचार होता है। हमें अपने जीवन के लक्ष्य के प्रति एकनिष्ठ रहना चाहिए और हमारे साध्य और साधन पवित्र होने चाहिए। अपने पर्यावरण के प्रति भी सचेत रहते हुए भावी पीढ़ी के लिए इसे धरोहर रूप में संरक्षित करना चाहिए।

मुजीब अता आजाद ने गांधी दर्शन पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा की ‘‘ गांधी दर्शन चरित्रवान एवं स्वावलंबी युवाओं को तैयार करने का माध्यम है। शांति और अहिंसा पर आधारित पाठ्यक्रम से इसे बढ़ावा दिया जा सकता है‘‘ अनुराग गौतम ने कहा कि ‘‘ गांधी मजबूरी नहीं मजबूती का नाम है।

गांधी का विरोध किसी व्यक्ति विशेष से न होकर उसकी गलत नितियों से था‘‘ कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सोलत अली खान ने संगोष्ठी में गांधी दर्शन अपने विचार प्रकट करते हुए अतिथियों का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम का संचालन सह आचार्य डॉ. सुषमा पाण्डे ने किया।

इस अवसर पर डॉ.राखी सिंह, डॉ. विकास काटिया, श्री जयप्रकाश देवतवाल, डॉ. मोहन लाल शर्मा, प्रो. निर्मल जैन, डॉ. के.एल.गुर्जर, डॉ. सुलोचना मीना, डॉ. दीपक राज जैन, डॉ. नीतू चौधरी, डॉ. पूरण मल वर्मा, डॉ. सुरेश मीना, डॉ. नरेश वर्मा, प्रो. महावीर सिंह, प्रो. संपत सिंह, डॉ. राशिद मियां, श्री मो. बाकिर हुसैन, डॉ.कजोड़ लाल बैरवा, श्री चन्द्र शेखर मीना, डॉ. रघुवीर सिंह मीना,डॉ. नरेन्द्र चन्देल, डॉ.सुरेन्द्र चन्देल, श्री दिनेश वर्मा सहित सभी संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

बालिका एवं महिला सशक्तिकरण व लिंग आधारित भेदभाव विषय पर कार्यशाला का आयोजन

टोंक। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, महिला अधिकारिता व एक्शन एड के संयुक्त तत्वाधान में समाज कल्याण सप्ताह के अन्तर्गत राजकीय महाविद्यालय गुलजारबाग में महिला एवं बालिका कल्याण दिवस के रूप में मनाया गया तथा बालिका व महिला सशक्तिकरण व लिंग आधारित भेदभाव विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अवसर पर महिला अधिकारिता की सहायक निदेशक मेरिंगटन सोनी ने बालिकाओं व महिलाओं की सामाजिक समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए उनके अधिकारों व विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी।

इसके उपरांत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक राजेंद्र कुमार गुर्जर तथा बाल अधिकारिता सहायक निदेशक नवल खान ने शिक्षा की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि बालिका व महिला सशक्तिकरण का शिक्षा ही एकमात्र उपाय है।

  एक्शन एड कोर्डिनेटर, जहीर आलम ने बालिकाओं को शिक्षा सेतु योजना, यस टू स्कूल अभियान के बारे में बताया तथा बालिकाओं को सरकारी व गैर सरकारी छात्रवृत्तियों की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में आशा शास्त्री व काउंसलर सरोज बैरवा ने सैग योजना, इंदिरा महिला शक्ति केन्द्र, सखी वन स्टॉप सेंटर, महिला सुरक्षा सलाह केंद्र के बारे में जानकारी दी। इस दौरान छात्रावास अधीक्षक आशा साहू, भरत लाल गुर्जर, एक्शन एड वॉलियंटर इंजमामुल हक, आमिर फारूक आदि उपस्थित रहे।

liyaquat Ali
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