टोंक

बच्चों का जीवन अच्छा बनाने के लिये अच्छे संस्कार जरूरी

 

    निरंकारी बाल समागम का आयोजन 

    टोंक,निवाई,देवली,मालपुरा से बच्चों ने दी सुन्दर प्रस्तुतियाँ।

टोंक (रवि सैनी)। पांच बत्ती स्थित सन्त निरंकारी सत्संग भवन पर निरंकारी बाल समागम का आयोजन किया गया जिसमें टोंक, निवाई, मालपुरा व देवली से बाल सत्संग के बच्चों ने मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी। बाल समागम का आयोजन राजस्थान के जोनल ईंचार्ज श्री फुलचन्दजी बजाज के सानिध्य में आयोजित किया गया। सभी को सम्बोधित करते हुए सन्त बजाज ने कहा की बच्चे गिली मिट्टी की तरह होते है उन्हें जिस रूप में ढ़ाला जाये वो ढ़ल जाते है, इसलिये जरूरी है कि बच्चों को बचपन से ही अच्छे संस्कार प्राप्त हो।

 

बचपन से ही मानवता की डोर मजबुत होती चली जाये। आज बच्चों ने भौतिक शिक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक क्षेत्र में बहुत ही सुन्दर भजन, कविता, नाटक, विचार प्रस्तुत किये। जिसमें अलग-अलग भाषा,वेशभुषा व सस्ंकृति की सुन्दर प्रस्तुतियाँ देकर ये संदेश दिया है कि भाषा व हमारे व्यवहार में अगर प्यार-प्रेम है तो पुरे विश्व में भाइचारें व मानवता का सुन्दर वातावरण हम बना सकते है, इसके लिये जरूरी है कि हर इंसान को दुसरे इंसान से प्रेम हो, आपसी मिलवर्तन की भावना मजबुत हो। पुरे विश्व में शान्ति व भाईचारे को स्थापित करने व इंसानो के बीच मिलवर्तन की भावना मजबुत करने के लिये आध्यात्मिक जाग्रति आवश्यक है। बाल सत्संग की बहीन सिमरन ने अपने विचारों में कहा की आध्यात्मिक जाग्रति व भक्ति के लिये कोई उम्र मोहताज नही होती हम इतिहास उठा के देख ले भक्त प्रहलाद बचपन से ही प्रभु भक्ति में लीन थे, हर कदम पर भक्त प्रहलाद ने ईश्वर को अंग-संग मानकर प्रभु भक्ति की। तो आज सिर्फ युग ही तो बदला है परमात्मा तो वही हमारे अंग-संग है फिर क्यों हम निरंकार प्रभु-परमात्मा को दुर समझते है। समागम में मालपुरा से आये बच्चों में बहीन तनुजा,गुडडी,ममता ने इंग्लिश भजन प्रस्तुत किया। तनुजा ने सिन्धी भजन के माध्यम से सुन्दर रचना प्रस्तुत की व बहीन निकीता ने हिन्दी भाषा मे आध्यात्मिक कविता प्रस्तुत की। निवाई से आये हुए बच्चों में मेहूल,जतीन,पिंकी,चारू ने पंजाबी भाषा में शिक्षाप्रद नाटक प्रस्तुत किया। हेमा,खुशी,वेश्नवी,सोम्या ने इंग्लिश भाषा में सुन्दर रचना प्रस्तुत की। रानी व लीना ने हिन्दी भजन से आशीर्वाद लिया। टोंक बाल सत्संग के बच्चें सिमरन, स्नेहा, भुमिका, गोरव, रोहीत, खुशी, सोना ने सत्संग के समक्ष शिक्षाप्रद कटपुतली नृत्य प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया।  निरंकारी मिषन ब्राँच-टोंक के मिडिया सहायक सीताराम निरंकारी ने बताया कि बाल समागम में निवाई के मुखी तुलसीराम जी, मालपुरा के मुखी सुरेश कुमार व टोंक से रमेश कुमार, नवल किशोर, सन्तोष राजोरा, बहीन रेनु, रामप्यारी,रविन्द्र कुमार आदी उपस्थित थे।

liyaquat Ali
Sub Editor @dainikreporters.com, Provide you real and authentic fact news at Dainik Reporter.

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