टोंक राजस्थान

कोविड-19 से मृत व्यक्तियों के परिजनों को अनुग्रह राशि के लिए आवेदन

टोंक, 18 अक्टूबर। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार कोविड-19 से मृत व्यक्ति के परिजन को राज्य सरकार द्वारा 50 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता राशि देय है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवप्राज मीणा ने बताया कि 20 मार्च 2022 से पूर्व की कोविड से मृत्यु में 60 दिवस (24.03.2022 से प्रभावी) एवं तत्पश्चात मृत्यु में 90 दिवस आवेदन करने की सीमा के समस्त पुराने प्रकरणों में एक बारीय रियायत दी जा रही है।

जिसके तहत कोविड मृतक आश्रितों को एक्सग्रेशिया सहायता राशि भुगतान किए जाने की समय सीमा में एक बारीय 30 दिवस की रियायत दिनांक 15 अक्टूबर 2022 से प्रभावी होगी।  

कोविड-19 से ग्रसित होने के उपरांत अस्पताल अथवा घर में जिनकी मृत्यु हुई है तथा जिनके मृत्यु प्रमाण पत्र में मृत्यु का कारण कोविड 19 दर्ज है। वे व्यक्ति जिनकी मृत्यु कोविड जांच में पॉजिटिव आने की तिथि अथवा क्लिनिकली कोविड पॉजिटिव पाए जाने के 30 दिवस के भीतर हुई है, भले ही ऐसी मृत्यु अस्पताल के बाहर हुई हो एवं व्यक्ति इससे पूर्व कोविड नेगेटिव हो चुका हो।

मृतक के कोविड-19 संक्रमित होने पर आत्महत्या (30 दिवस में) से होने वाली मृत्यु को आर्थिक सहायता/ एक्सग्रेशिया का पात्र माना जाएगा। ऐसे पॉजिटिव रोगी जिनकी मृत्यु निरंतर अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान हुई है, भले ही वे नेगेटिव आ गए हो।

डिप्टी सीएमएचओ डॉ महबूब खान ने बताया कि कोविड-19 मृत्यु का प्रमाण पत्र संबंधित अस्पताल द्वारा जारी किया जाएगा, यदि अस्पताल में मृत्यु हुई है। किसी अपरिहार्य परिस्थितियों में क्षतिपूर्ति के दावेदार यदि निर्धारित समय सीमा में अपना दावा नहीं प्रस्तुत कर सका तो उसके लिए जिला कलेक्टर के स्तर पर गठित शिकायत निवारण समिति के पास आने का विकल्प पूर्व की भांति होगा।

 कोविड-19 मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर मृत व्यक्ति के परिजन द्वारा (यथा आवेदक का जनाधार, आधार, मृतक का कोविड मृत्यु प्रमाण पत्र, मृतक से आवेदन के संबंध का दस्तावेज आदि) सहित ईमित्र कियोस्क के माध्यम से निःशुल्क आवेदन प्राप्त किए जाएंगे।
झूठे दावे को कम करने के लिए, शुरुआत में दावे के लिए पर्याप्त आवेदनों का 5 प्रतिशत (अनायास/रेंडमली) जांच किया जाएगा।

यदि यह पाया जाता है कि किसी व्यक्ति ने झूठे दावे प्रस्तुत किए हैं तो आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 52 के अंतर्गत विचार करते हुए दावेदार तदनुरूप दंड का भागी होगा।

Sameer Ur Rehman
Editor - Dainik Reporters http://www.dainikreporters.com/