टोंक जिले का बाल विवाह निरस्त का पहला मामला दर्ज, पारिवारिक न्यायालय ने दिया तथाकथित पति को नोटिस

Tonk News (फिरोज़ उस्म्मानी)। टोंक जिले के रानोली ग्राम की बालिका वधु संजू ने सारथी ट्रस्ट की मदद से टोंक के पारिवारिक न्यायालय में बाल विवाह निरस्त के लिए वाद पेश किया गया। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत टोंक जिले में बाल विवाह निरस्त का संभवत: पहला वाद दर्ज हुआ है।

इस पर पारिवारिक न्यायालय की न्यायाधीश राज व्यास ने बाल विवाह निरस्त का वाद दर्ज कर तथाकथित पति को नोटिस जारी करने के आदेश दिए है। जिलेे मेंं पहला बाल विवाह निरस्त करवाने का मामला है।  टोंक जिले के पीपलू तहसील के रानोली ग्राम की निवासी करीब उन्नीस वर्षीय संजू का बाल विवाह महज दो साल की उम्र में वर्ष 2003 में  हुआ था। उस समय उसकी आयु महज दो साल की ही थी।

संजू को कुछ साल पहले ही खुद के बाल विवाह हो जाने के बारे में जानकारी मिली। वहीं तथाकथित पति के बारे में भी जानकारी मिली। जिस पर संजू को लगा कि उसके आरएएस बनने व भविष्य संवारने के ख्वाब टूट जाएंगे। जाति पंचायतों के दबाव व व्यक्तिगत भय के कारण संजू काफी समय तक अवसादग्रस्त हो गई।

इस बीच सारथी ट्रस्ट की डॉ.कृति भारती के बाल विवाह निरस्त की मुहिम के बारे में जानकारी मिलने पर बाल विवाह से मुक्ति के लिए सम्पर्क कर पीड़ा बयां की। सारथी ट्रस्ट की डॉ.कृति भारती की मदद से संजू ने बाल विवाह निरस्त के लिए हौंसला दिखाया है।