Tonk / बीजेपी संविधान की मूलभावना के खिलाफ कार्य कर रही है: शाहिद सिद्दीकी

Tonk News : बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष सैयद शाहिद सिद्दीकी ने शनिवार रात को टोंक के मोती बाग में शाहीन बाग के समर्थन में चल रहे संविधान बचाओ सत्याग्रह में शामिल होकर अपना विरोध दर्ज कराया। शाहिद सिद्दीकी ने 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत भारत के संविधान की प्रस्तावना को पढक़र  अपना संबोधन शुरू किया मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए सिद्दीकी ने कहा कि देश में बीजेपी ने अपना शासन संघ मुख्यालय नागपुर के इशारे से चला रखा है यह बाबा साहब के बनाए हुए संविधान की मूल भावना के खिलाफ कार्य कर रहे हैं देश में जो संपत्ति सरकार ने 70 साल में अर्जित की थी उन सभी को भाजपा सरकार बेचने पर रही है, सार्वजनिक क्षेत्र की सभी उपकरणों को प्राइवेट सेक्टर को बेच रही है जैसे कि रेलवे एयर इंडिया एयरलाइंस बैंक मुख्य रूप से शामिल हैं, भाजपा सरकार ने गत 6 वर्षों में कोई सार्वजनिक संपत्ति नहीं बनाई है, सरकार एनआरसी के जरिए देश के दलित पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को मतदान के अधिकार से वंचित करना चाह रही है।

19 जुलाई 1948 को या उससे पहले जो व्यक्ति भारत में आ चुका था वह भारत का नागरिक है देश में 1000 से अधिक शाहीन बाग के समर्थन में धरने चल रहे हैं।  एपीसीआर टोंक के अध्यक्ष एडवोकेट खलीकुल्ला बैग ने कहा कि एनआरसी देशभर में लागू होने से भारत की 60 परसेंट आबादी नागरिकता से बाहर हो जाएगी। टोंक शहर में 1982  जब बाढ़ आई थी, उस समय सभी शहर वासियों के कीमती सामान और दस्तावेज बाढ़ में बह गए थे, ऐसे में अब सरकार हमसे कागजात मांगेगी तो हम कागज कहां से लाएंगे। 21 जनवरी से जारी सत्याग्रह लगातार 13 वे दिन भी जारी रहा।  नूर कलंदर ने कठपुतली का खेल दिखाकर एनआरसी एनपीआर सीएए की पूरी बात समझा कर अपना विरोध प्रकट किया प्रदर्शनकारियों ने नो सीए नो एनआरसी नो पीआर का एक बोर्ड भी प्रदर्शन स्थल पर लगा रखा था जहां पर सभी प्रदर्शनकारी बोर्ड पर अपने अपने हस्ताक्षर कर रहे थे। वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन भय्यू खां, एपीसीआर के एडवोकेट शराफत अली सलमान आदि ने भी संबोधित किया।

मौहसीन रशीद ने जोरदार नारे लगवा कर प्रदर्शनकारियों में जोश भर दिया।  प्रदर्शन स्थल पर एपीसी आर टोंक के सचिव एडवोकेट कमरुज्जमा तवर में भी संबोधन किया उन्होंने बताया कि 5 कारणों से व्यक्ति भारत का नागरिक हो सकता है, जो व्यक्ति भारत में पैदा हुआ हो वह भारतीय नागरिक है, जिसके माता-पिता अथवा दोनों में से एक भारतीय नागरिक हो वह बच्चा भी भारतीय नागरिक है,  जो व्यक्ति लगातार 11 वर्ष से भारत में रह रहा हूं मैं भी भारतीय नागरिक है, जिसने भारत की नागरिकता के लिए आवेदन किया हो और सरकार ने स्वीकृति दी हो वह भी भारतीय नागरिक है,  जो किसी भूभाग के भारत में शामिल हो जाने पर वहां रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति भी भारतीय नागरिक है।

मंच का संचालन करते हुए धरना संयोजक सलीमुद्दीन खान ने भी एनआरसी एनपीआर और सीएए के विरोध में विचार प्रकट किए। इस मौके पर एडवोकेट मजहर आलम ने बढ़ती हुई सर्दी के बावजूद मोती बाग में महिला और पुरुषों का लगातार जनता के बढ़ते जाना पर खुशी प्रकट की। इस अवसर पर जहीर आलम, मोइनुल्लाह, उमर जहां मैडम, कहकशा बाजी, आसीम पठान,ज़ाकिर सना, सलाउद्दीन खान, रूबी, असमा, एमन,अब्दुल लतीफ मुमताज राही मुन्ना पार्षद सरफराज केसरी,अब्दुल कादिर,मोहम्मद शकील, सरताज अहमद, एडवोकेट मूबिन, निजाम नागोरी,सहित हजारों लोग मौजूद थे।