Tonk, a war campaign was made for the purification, playing with the health of the common man
टोंक राजस्थान

टोंक में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान बना खानापूर्ति, आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़, खाद्य सुरक्षा विभाग की मेंहरबानी, आमजन की जान पर भारी

टोंक (फ़िरोज़ उस्मानी)। टोंक में शुद्ध के लिए युद्ध खानापूर्ति बन कर रह गया है, कार्रवाई के नाम पर आमजन को बेवकूफ़ बनाया जा रहा है। संबंधित विभाग द्वारा जहां छापा मारा जाता है, वहां से मिलावटखोर को फरार करवा दिया जाता है। अब तक ज़िलें मे कोई महत्त्वपूर्ण कार्रवाई अमल में नही लाई गई है।

राज्य सरकार आमजन के स्वास्थ्य के प्रति पूरी सवेंदनशील है, मिलावटखोरों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने शुद्ध के लिए युद्ध अभियान की शुरुआत की थी, लेकिन इसके बाद भी टोंक ज़िलें में धड़ल्ले से खादय पदार्थों में मिलावट की जा रही है, राज्य के कई जिलों से मिलावटी मावा मंगाया जाता है।

उसके बावजूद भी टोंक ज़िला चिकित्सा विभाग व खाद्य सुरक्षा विभाग कोई बड़ी कार्रवाई नही कर सका है, सेम्पल लेने के नाम पर खानापूर्ति की जाती है, केवल त्योहार पर ही संबंधित विभाग की टीम सेम्पल लेती है, जिसकी रिपोर्ट त्योहार निकल जाने के बाद आती है, जब तक सेम्पल की पुष्टि होती है तब तक मिलावटखोर मिलावटी मिठाईयां बेच चुके होते है।

पुराने मिलावटखोरों पर कार्रवाई होने के बाद भी खुलेआम वो अपने मिलावटी मिठाईयां बेच रहे है। आमजन की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।

सूत्रों की माने तो ज़िलें के सभी प्रतिष्ठानों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की खास मेहरबानी है, दोनों ही और से एक दूसरे का ध्यान रखा जाता है। मिलावटखोरों पर लगाम लगाने के लिए सरकार को संबंधित विभागों के अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने की ज़रूरत है।

टोंक में काफी लंबे समय से रसद विभाग अधिकारी व कर्मचारी जमे हुए है, नए अधिकारियों को नही लगाया जाता है, जिसके चलते कार्रवाई में पारदर्शिता नही आ रही है।

Firoz Usmani
Firoz Usmani Tonk : परिचय- पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षो से संवाददाता के रूप में कार्यरत हुंॅ, 9 साल से राजस्थान पत्रिका ग्रुप के सांयकालीन संस्करण (न्यूज़ टुडे) में जिला संवाददाता के रूप से कार्य कर रहा हंू। राजस्थान पत्रिका न्यूज़ चैनल में भी अपनी सेवाएं देता रहा हूं। एवन न्यूज चैनल में भी संवाददाता के रूप में कार्य किया है। अपने पिता स्व. श्री मुश्ताक उस्मानी के सानिध्य में पत्रकारिता की क्षीणता के गुण सीखें। मेरे पिता स्व.श्री मुश्ताक उस्मानी ने भी 40 वर्षो तक पत्रकारिता के क्षैत्र में कार्य किया है। देश के कई बड़े न्यूज़ पेपर से जुड़े रहे। 10 वर्ष दैनिक भास्कर में ब्यूरों चीफ रहें।