जयपुर मैं कांग्रेस के प्रतिनिध मण्डल ने राज्यपाल सिंह से की मुलाकात कर फीस वृद्धि को रोकने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की – बच्चों के भविष्य के लिए राज्य सरकार को सख्ती से कानून की पालना करानी चाहिए-राज्यपाल

जयपुर । जयपुर जिलाध्यक्ष प्रतापसिंह खाचरियावास के नेतृत्व में गुरुवार को कांग्रेस का प्रतिनिधि मण्डल स्कूलों में फीस वृद्धि के सिलसिले में राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह से मिला और प्रदेश के करोड़ों बच्चों और उनके अभिभावकों को बेतहाशा गैर कानूनी तरीके से प्राईवेट स्कूलों द्वारा की गई फीस वृद्धि से हो रही परेशानियों से अवगत कराया।

खाचरियावास ने राज्यपाल कल्याण सिंह से मुलाकात के दौरान राज्यपाल को अवगत कराया कि राज्य सरकार की लापरवाही और प्राईवेट स्कूलों के साथ मिलकर किए जा रहे षडयंत्र के कारण प्राईवेट स्कूलों ने कानून कायदों को ताक में रखकर बच्चों की बहुत ज्यादा फीस बढ़ाकर बच्चों और उनके माता-पिता के सामने संकट उत्पन्न कर दिया है। वर्ष 2013 और 2016 के फीस नियंत्रण कानून के तहत किसी भी प्राईवेट स्कूल को गैर कानूनी तरीके से अभिभावक और सरकार को विश्वास में लिए बगैर फीस बढ़ाने का कोई अधिकार नहीं है। फीस बढा दी गई है,किताबें और यूनिफार्म आदि के लिये अलग से परेशान किया जाता है। आज करोड़ों बच्चों का बचपन संकट में है इसके बावजूद राज्य सरकार के मंत्री प्राईवेट स्कूलों के दबाव में करोड़ों बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। राज्य की भाजपा सरकार  की मेहरबानी से प्राईवेट स्कूल सभी जगह गैर कानूनी तरीके से फीस बढ़ा चुके हैं। इसलिए वह राज्य सरकार को आदेश  देकर संविधान प्रमुख की भूमिका निभाते हुए, सभी स्कूलों में बढ़ाई गई फीस वापिस कराए  तथा राज्य सरकार को आदेश देकर फीस नियंत्रण कानून को ईमानदारी से लागू कराने की व्यवस्था कराए।

राज्यपाल ने खाचरियावास के आग्रह पर कहा कि वे स्वयं राज्य सरकार से बात करके शिक्षामंत्री से इस मुददे पर बात करके पूर्ण जानकारी प्राप्त करके फीस वृद्धि के मामले में बच्चों और उनके माता-पिता और प्रदेश के नागरिकों की मदद करेगें। राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार को तुरन्त कार्यवाही करके प्राईवेट स्कूलों की मनमानी पर रोक लगवानी चाहिए तथा 2016 अधिनियम को सख्ती से लागू करना चाहिये।

वहीं खाचरियावास ने  शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी गलत बयानबाजी करके प्राईवेट स्कूलों का बचाव कर रहे हैं। राजस्थान की मुख्यमंत्री को हस्तक्षेप करके  राज्य सरकार की भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए कि सरकार करोड़ों बच्चों और उनके माता-पिता की परेशानियों को दूर करने के लिये फीस वृद्धि को खत्म करने के लिये क्या कदम उठाने जा रही है? उन्होंने कहा कि सरकार के नेता, मंत्री, विधायक और सांसद छ: माह बाद होने वाले विधानसभा चुनावों में हार के डर से हर गली-मौहल्ले में जाकर समस्याऐं पूछने का और जनसंवाद का नाटक कर रहे हैं। उन मंत्रीयों और भाजपा नेताओं को प्राईवेट स्कूलों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार करने की बजाय बच्चों की समस्या का समाधान करने के लिए फीस वृद्धि पर रोक लगानी चाहिए। लेकिन वे साढ़े चार वर्ष तक किये गये पाप कर्मों को छुपाने के लिए जनता के बीच में जाने का नाटक कर रहे हैं। अब जो भी मंत्री और भाजपा नेता लोगों के बीच में जाकर विकास के पैसे देने का नाटक कर रहा है वो सिर्फ धोखा मात्र है। क्योंकि साढ़े चार वर्ष तक जिन मंत्रीयों ने काम नहीं किया वे झूठी घोषणाए कर रहे हैं उनकी घोषणाओं से कुछ नहीं होने वाला है, वे चार माह बाद होने वाले चुनाव में हार के डर से झूठ बोल रहे हैं। यदि ये ईमानदार होते तो पहले जनता के बीच में आकर काम करते। खाचरियावास ने कहा कि फीस वृद्धि के मामले में कोई भी भाजपा का सांसद,विधायक, मंत्री आगे आकर प्राईवेट स्कूलों द्वारा की गई गैर कानूनी फीस वृद्धि का विरोध नहीं कर रहा है। इससे स्पष्ट है कि सभी चोर-चोर मौसेरे भाई है। कांग्रेस पार्टी जब तक फीस वृद्धि के मामले में सरकार जनता को राहत नहीं पहुंचाएगी तब तक अपना आंदोलन जारी रखेगी।