शहर विधायक राजेन्द्र पारीक व सभापति जीवण खां ने एसके अस्पताल का निरीक्षण किया

Sikar/ अशफाक कायमखानी।सीकर जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए शहर के विधायक राजेंद्र पारीक, सभापति जीवण खां ने एसके अस्पताल का दौरा कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कोरोना काल के समय शहर की जनता को पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने सांवली डेडीकेटेड अस्पताल को विकसित करने के संबंध में अस्पताल के चिकित्सकों व स्टाफ की बैठक ली।
इस दौरान विधायक राजेंद्र पारीक ने बताया कि वर्तमान में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी अशोक चौधरी नियमित रूप से अस्पताल के चिकित्सकों एवं स्टाफ की बैठक लेते रहते हैं।

वर्तमान में कोरोना संक्रमण के बढ़ने के कारण देश के हालात बुरे हो रहे हैं। जिले में कोरोना संक्रमण तेजी से ना बढ़े ऎसे में आमजन को महामारी से रोकथाम के लिए संसाधनों की कमी नहीं हो ।

विधायक पारीक ने कहा कि जिला मुख्यालय स्थित सांवली डेडीकेटेड कोविड हॉस्पिटल को और भी विकसित किया जाएगा। वर्तमान में कोविड सेंटर में आईसीयू की जो व्यवस्था है उसमें भी बढ़ोतरी की जाएगी।

कोविड सेंटर पर जो व्यवस्थाएं उपलब्ध होनी चाहिए उसके लिए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के.के वर्मा को निर्देशित किया। प्राचार्य ने दो दिन के भीतर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

शहर विधायक पारीक ने कहा कि शहर के लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए किसी भी प्रकार की कोई भी चिकित्सा सुविधा की कमी ना हो इसके लिए पूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए सम्पूर्ण चिकित्सा विभाग के र्कामिक व अधिकारी इसके लिए पूरी मेहनत से कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि सीकर की जनता को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए चिकित्सा सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कोई कमी महसूस नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी तरह की र्आथिक सहायता की जरूरत होगी तो उसके लिए विधायक कोष, नगर परिषद कोष से र्आथिक सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।

बैठक में राजकीय कल्याण चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर के के वर्मा ने बताया कि जिस तरह से वर्तमान में कोरोना की दूसरी लहर चल रही है और पिछले एक सप्ताह से कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढ़ रही है एवं पहले जहां प्रति 100 टेस्ट में से शून्य या एक कोरोना पॉजिटिव मिलता था।

वहीं अब हमारे द्वारा किए जा रहे प्रति 100 टेस्ट में से 10-12 पॉजिटिव मिल रहे हैं। वर्मा ने बताया कि कोरोना महामारी की पहली लहर में सीकर की जनता ने काफी सहयोग दिया था और महामारी से बचाव के लिए जागरूकता भी अपनाई थी। पहले कोरोना पॉजिटिव की संख्या व कोरोना की वजह से मौतें भी कम हुई थी।

लेकिन अब वर्तमान में ऎसा प्रतीत हो रहा है कि जनता भी बेफिक्र हो चुकी है। बार-बार समझाइश करने के बाद भी जनता पूर्व की भांति जागरूक नहीं हो रही है। जनता में कोरोना के प्रति भय भी खत्म हो चुका है ऎसे में कोरोना की दूसरी लहर आमजन के प्रति घातक साबित हो सकती है।

वर्मा ने बताया कि किसी भी महामारी की दूसरी लहर पहली लहर की बजाए ज्यादा खतरनाक होती है। वह फैलती भी तेजी से है और वर्तमान में भी ऎसा ही हो रहा है। जहां गत वर्ष में मार्च व अप्रेल महीने में सम्पूर्ण विश्व में कोरोना संक्रमितों की संख्या और कोरोना संक्रमण की वजह से होने वाले मौत की संख्या कम थी लेकिन इस वर्ष मार्च व अप्रेल महीने में जिस तरह से कोरोना पॉजिटिव लोगों का आंकड़ा और कोरोना संक्रमण की वजह से होने वाली मौतों की संख्या में वृद्धि हो रही है।

यह आमजन के लिए भयावह स्थिति है। ऎसे में हमें इसे कम करने के लिए पूर्व की भांति और भी अधिक जागरूक और सावधान रहना होगा। वर्मा ने बताया कि वर्तमान में जो लोग कोरोना पॉजिटिव आ रहे है उनमें प्रारंभ में लक्षण उतने नहीं होते हैं जो की पहली लहर के संक्रमितों में देखने को मिलते थे।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में महामारी संक्रमित के फेफड़ों को बहुत तेजी से नुकसान पहुंचा रही हैं जिससे की शरीर के सीटी थोरेक्स एचआरसीटी के स्कोर में तेजी से वृद्धि एवं कमी होती है। ऎसे में इस परिस्थिति में हमारी टीम को संक्रमित का इलाज करने में बहुत ज्यादा दिक्कत होती है।

क्योंकि इस बार लक्षणों का पता देरी से लगने में इलाज में भी देरी होती है। वहीं वर्तमान में कोरोना संक्रमित खुद को होम आइसोलेट रख रहे हैं और घर पर ही उपचार करवाने पर विश्वास कर रहे हैं। जब तक उनकी स्थिति ज्यादा खराब नहीं होती तब तक वह उपचार के लिए अस्पताल नहीं आ रहे हैं।

पिछले तीन-चार दिन में जो कोरोना संक्रमित इलाज के लिए आ रहे हैं वह गंभीर स्थिति में आ रहे हैं। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे कोरोना महामारी की गंभीरता को समझते हुए कोरोना गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करें और यह मानकर चले की जो अलक्षणात्मक रोगी है वह ज्यादा खतरनाक है।

शहर के सभी राजकीय चिकित्सा संस्थान के र्कामिक एवं सम्पूर्ण चिकित्सा विभाग लगातार अपनी पूरी मेहनत से कार्य कर रहे हैं और यह कोशिश कर रहे हैं कि आने वाले कोरोना संक्रमित रोगी को उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाएं।

महामारी से आमजन की सुरक्षा के लिए चिकित्सा विभाग पूरी तरीके से मुस्तैद है वहीं जिला प्रशासन एवं हमारे जनप्रतिनिधि भी पूर्ण सहयोग कर रहे हैं। जिला मुख्यालय स्थित सांवली डेडीकेटेड को हॉस्पिटल को विकसित करने के निर्देश दिए गए है। बैठक में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक चौधरी सहित अस्पताल के कार्मिक मौजूद रहेंं।