आपके महंगे गमले को रीप्लेस कीजिए, बाजार में उपलब्ध है सिर्फ दो रुपए का गमला

टोंक जिले के केंद्रीय भेड़ और ऊन अनुसंधान संस्थान अविकानगर ( Central Sheep and Wool Research Institute ,Avikanagar ) ने पिछले 60 साल में किसानों और ग्रामीण महिलाओं के साथ आम लोगों के लिए कई शोध किए. अब इन शोध किए गए प्रोडक्ट (product) को बाजार की जरूरत है. संस्थान ने एक खास प्रोडेक्ट बनाया …

आपके महंगे गमले को रीप्लेस कीजिए, बाजार में उपलब्ध है सिर्फ दो रुपए का गमला Read More »

March 1, 2022 6:16 pm
Replace your expensive Flowerpot, only two rupees pot is available in the market | Dainik Reporters

टोंक जिले के केंद्रीय भेड़ और ऊन अनुसंधान संस्थान अविकानगर ( Central Sheep and Wool Research Institute ,Avikanagar ) ने पिछले 60 साल में किसानों और ग्रामीण महिलाओं के साथ आम लोगों के लिए कई शोध किए. अब इन शोध किए गए प्रोडक्ट (product) को बाजार की जरूरत है. संस्थान ने एक खास प्रोडेक्ट बनाया है. जो शहरों में हर घर में काम लिया जा सकता है और वो है गमला ( Flowerpot ) देशी ऊन (country wool) से पौधारोपण के लिए काम आने वाला खास गमला.

Replace your expensive Flowerpot, only two rupees pot is available in the market

देशी ऊन से बनाए गमलो को घरों में, छतों पर, बालकनी में या फिर मैदान में कहीं पर रखा जा सकता है. यह गमला ऊन का होने के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी कारगर है. इसकी मोटाई और साइज छोटी बड़ी कर बनाई जा सकती है. सीमेंट और प्लास्टिक का 30 से 40 रुपए में मिलने वाले गमले के बजाए सिर्फ डेढ़ से 2 रुपए में ऊन से बने गमले को काम में लिया जा सकता है.

Replace your expensive Flowerpot, only two rupees pot is available in the market
केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान के डायरेक्टर अरुण कुमार तोमर बताते हैं कि ऊन से बने इन गमलो की अभी बाजार में उपलब्धता कम है. इसके लिए संस्थान ने एग्री बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर से एक उद्यमी को रजिस्टर किया है. वह इसकी कमर्शियल मार्केटिंग कर रहा है. इसका कॉस्टिंग 1 से 2 रुपए के बीच में होने के कारण बाजार में डिमांड भी अच्छी खासी है.

Replace your expensive Flowerpot, only two rupees pot is available in the market
केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर में टेक्सटाइल इंजीनियर डॉ. विनोद कदम ने बताया कि इसको आप घर के पर्सनल यूज़ के लिए भी ले सकते हो और एग्रीकल्चर हॉर्टिकल्चर फॉरेस्ट्री एप्लीकेशंस के लिए भी यूज़ कर सकते हैं. इसमें एडवांटेज यह है कि हम लोग इसकी डेंसिटी और थिकनेस को चेंज कर सकते हैं.

 

केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर में टेक्सटाइल इंजीनियर डॉ. विनोद कदम कहते हैं कि प्लास्टिक से बने गमले पर्यावरण संरक्षण के लिए ख़तरनाक होने के साथ महंगा भी पड़ता है. एक दो रुपए में मिलने वाले गमले में पौधे की बढ़वार भी ज्यादा होगी और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा.

Prev Post

राजस्थान के किसान विदेशी भेड़ पालन कर कमा सकते मुनाफा

Next Post

विस्फोटक साम्रगी का जखीरा पकड़ा, टोंक डीएसटी व निवाई पुलिस के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

Related Post

Latest News

सचिन पायलट के विधायक जोड़ो अभियान को धक्का, जिन विधायकों से संपर्क किया वो सीएम के पास पहुंचे 
पटवारी 20 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों अरेस्ट
राजकुमार शर्मा को ब्रेन हेमरेज

Trending News

Chairman Ali Ahmed inspected the ongoing road construction work on Civil Line Road
Volunteers in Tonk took out path on Vijaya Dashami
वसुंधरा राजे के बाद अब सतीश पूनिया ने भी की भी त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना
कांग्रेस के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे खड़गे,8 अक्टूबर को हो सकती घोषणा

Top News

Chairman Ali Ahmed inspected the ongoing road construction work on Civil Line Road
Volunteers in Tonk took out path on Vijaya Dashami
गहलोत का कार्यकाल समाप्त, कुर्सी खतरे में
सचिन पायलट के विधायक जोड़ो अभियान को धक्का, जिन विधायकों से संपर्क किया वो सीएम के पास पहुंचे 
टोंक शांति एवं सद्भावना समिति की बैठक आयोजित
जयपुर को मिली एबीवीपी के राष्ट्रीय अधिवेशन की मेजबानी, अमित शाह करेंगे उद्घाटन सत्र में शिरकत
विजयादशमी पर  जयपुर में 29 स्थानों पर संघ का पथ संचलन, शस्त्र पूजन व शारीरिक प्रदर्शन भी होंगे
वसुंधरा राजे के बाद अब सतीश पूनिया ने भी की भी त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना
टोंक जिला स्तरीय राजीव गांधी युवा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित%%page%% %%sep%% %%sitename%%
Upload state insurance and GPF passbook in new version of SIPF