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रेजीडेंट नहीं माने तो सरकार कर सकती है सख्ती

Jaipur News / Dainik reporter – प्रदेश भर में रेजीडेंट्स डाक्टरों (Resident doctors) की हड़ताल (strike)के चलते बुधवार को सरकारी अस्पतालों (Government hospitals) में व्यवस्थाएं पटरी से उतरी नजर आई। रेजीडेंट्स और सरकार के बीच बने गतिरोध का शिकार मरीज और उनके परिजन परेशान होते रहे। मौसमी बीमारी के कारण अस्पतालों में रेजीडेंट्स की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को भारी परेशानी उठानी पडी वहीं राज्य सरकार की ओर से किए गए वैकल्पिक इंतजाम भी नाकाफी नजर आए। इधर, बार बार के अनुरोध के बाद भी रेजीडेंट्स के वापस काम पर नहीं लौटने पर सरकार ने सख्ती की चेतावनी दी है।

हडताल के कारण सरकारी अस्पतालों में उचित इलाज नहीं मिल पाने पर अब मरीजों ने निजी अस्पतालों की ओर रूख करना शुरू कर दिया है। बुधवार को भी प्रदेशभर के अस्पतालों में सैंकड़ों ऑपरेशन टाले गए वहीं राजधानी के एसएमएस अस्पताल (SMS Hospital)में करीब 550 ऑपरेशन टले। यहां बुधवार को सिर्फ  250 ऑपरेशन हो सके। यही हाल कावंटिया, जयपुरिया, जेके लोन, गणगौरी, महिला चिकित्सालय (Kavantia, Jaipuria, JK Lone, Gangauri, Women’s Hospital)और जनाना अस्पताल (Zanana Hospital) का भी रहा।

राज्य के सबसे बडे एसएमएस अस्पताल में मरीजों की संख्या में भारी कमी दर्ज की गई है। यहां अमूमन दस हजार से अधिक रहने वाले रोगियों की संख्या में भी कमी रही और ओपीडी 7 हजार 805 रही। इसके अलावा यहां होने वाले सभी बडे आपरेशन भी टाले गए।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा (Medical and Health Minister Dr. Raghu Sharma) ने हडताल समाप्त करने की अपील करते हुए कहा है कि अगर रेजीडेंट्स ने अपनी जिद नहीं छोड़ी तो सरकार सख्ती से पेश आएगी। डॉक्टर्स अपने कर्तव्य के प्रति संवेदनशील हो और हठधर्मिता छोडकर काम पर लौटें। सरकार वार्ता के लिए तैयार है और उनकी सभी मांगों पर विचार कर रही है। वित्तीय स्वीकृती लेने या ऑर्डर निकलने में समय लगता है, ऐसे में हाथों हाथ टेबल पर ही आदेश नहीं दिए जा सकते। सरकार मजबूर नहीं है। वह हर समस्या का समाधान करना चाहती है।

इधर, जयपुर एसोसिएशन आफ रेजीडेंट डाक्टर्स जार्ड (Jaipur Association of Resident Doctors Zard) ने सरकार की सख्ती की चेतावनी पर कहा है कि अगर सरकार ने सख्ती करने की कोशिश की तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। जार्ड अध्यक्ष अजीत बागड़ा ने कहा कि रेजीडेंटों की जायज मांगों को सरकार को मानना चाहिए। अगर सरकार सख्ती से पेश आएगी तो हम भी आंदोलन तेज कर देगें।

बता दें कि प्रदेश के रेजीडेंट्स डॉक्टर्स सुरक्षा, फीस वृद्धि, एचआरए सहित अन्य मांगो को लेकर मंगलवार से हड़ताल पर है।

Firoz Usmani
Firoz Usmani Tonk : परिचय- पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षो से संवाददाता के रूप में कार्यरत हुंॅ, 9 साल से राजस्थान पत्रिका ग्रुप के सांयकालीन संस्करण (न्यूज़ टुडे) में जिला संवाददाता के रूप से कार्य कर रहा हंू। राजस्थान पत्रिका न्यूज़ चैनल में भी अपनी सेवाएं देता रहा हूं। एवन न्यूज चैनल में भी संवाददाता के रूप में कार्य किया है। अपने पिता स्व. श्री मुश्ताक उस्मानी के सानिध्य में पत्रकारिता की क्षीणता के गुण सीखें। मेरे पिता स्व.श्री मुश्ताक उस्मानी ने भी 40 वर्षो तक पत्रकारिता के क्षैत्र में कार्य किया है। देश के कई बड़े न्यूज़ पेपर से जुड़े रहे। 10 वर्ष दैनिक भास्कर में ब्यूरों चीफ रहें।