
जयपुर । जयपुर जिलाध्यक्ष प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा कि भाजपा के सभी नेता अपने राजनैतिक स्वार्थों को साधने के लिये प्रदेशअध्यक्ष पद को लेकर जिस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं वो लोकतंत्र को कमजोर बनाने के असफल प्रयास हैं। राजस्थान प्रदेश की जनता की धार्मिक व सामाजिक भावनाओं को भडक़ाकर भाजपा जातीय टकराव करवाना चाहती है। भाजपा सरकार में मंत्री के पदों पर बैठे हुये वरिष्ठ नेता वर्ग विशेष में आपसी संघर्ष का हवाला देकर प्रदेषाध्यक्ष बनने वाले लोगों को रोकने में अपने हित साधना चाहते हैं। भाजपा नेताओं को अपने हित साधने के लिये राजनीति करने का पूरा अधिकार है लेकिन वरिष्ठ मंत्रीयों द्वारा दिल्ली जाकर यह बयान देना कि जाट और राजपूत एक दूसरे के परम्परागत विरोधी है, यह पूरी तरह से असत्य तथा प्रदेश जातीय वर्ग समूह को बदनाम करने वाला बयान है। जिस तरह की गोलबंदी जातिगत आधार पर भाजपा नेताओं द्वारा दिल्ली में की जा रही है, उससे स्पष्ट है कि भाजपा अब तक तो धर्म के नाम पर लोगों को भडकाकर राजनीति कर रही थी, अब तो हद हो गई जब भाजपा नेता अपने स्वार्थों को पूरा करने के लिये जाति विशेष समूह पर झूठी बयानबाजी करके राजस्थान में जातीय टकराव का माहौल बना रहे हैं। राजस्थान के सभी गांवों और शहरों में सभी जाति के लोग आपसी भाईचारे और प्रेम से रहते हैं। राजस्थान की संस्कृति भी यही है कि प्रत्येक गांव और षहर में राजपूत, ब्राह्मण, वैष्य, ओबीसी, अनुसूचित जाति/जनजाति सहित सभी वर्ग के लोग आपसी प्रेम, स्नेह व भाईचारे से रहते हैं।
खाचरियावास ने कहा कि पूर्व में भी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने उपचुनाव के दौरान अलग-अलग जातियों की मीटिगें लेकर जातिगत आधार पर बंटवारा करने की कोशिश की थी, जिसमें वो असफल हो गई। इसके बावजूद अब फिर प्रदेशाध्यक्ष पद को लेकर जिस तरह की बयानबाजी और राजनीती जातिगत वोटरों को लेकर भाजपा में चल रही है उससे भाजपा का किसी भी कीमत पर कोई भला होने वाला नहीं है। भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है और अब भाजपा के नेता जाति, धर्म, विशेष के नाम पर राजनीति करके सत्ता में आना चाहते हैं तो उनके मंसूबे किसी भी कीमत पर पूरे नहीं होगें। राजस्थान की जनता और प्रदेष का हर तबका भाजपा नेताओं की चालों को समझ रहा हैं।
खाचरियावास ने कहा कि भाजपा शायद यह भूल जाती है कि भैरोसिंह शेखावत राजस्थान के सबसे बडे नेता जिन्होंने भाजपा को प्रदेश में स्थापित किया, वो राजपूत वर्ग से थे। ऐसे में भाजपा के नेताओं द्वारा किसी जाति, वर्ग विशेष के खिलाफ बोलना भैरोसिंह शेखावत का भी अपमान करना है। इसलिये भाजपा नेताओं को अपने स्वार्थों के लिये प्रदेश में जातिगत टकराव के झूठे बयान नहीं देने चाहिये अन्यथा ऐसे नेताओं के खिलाफ हम कानूनी कार्यवाही करेगें।