Preparation of the government for the strength of temples and priests, organization of Vipra society and registration of temples is necessary
जयपुर राजस्थान

मंदिरों और पुजारियों की मजबूती के लिए सरकार की तैयारी विप्र समाज के संगठन और मंदिरों का रजिस्ट्रेशन जरूरी

जयपुर । सरकार ने पुजारियों और मंदिरो को आर्थिक मजबूती देने के लिए कमर कस ली है। सरकार की मदद निचले स्तर तक पहुंचे इसके लिए विप्र कल्याण बोर्ड की सिफारिश पर सरकार मंदिरो और विप्र समाज के संगठनों का पंजीयन अनिवार्य करेगी। इसके अतिरिक्त बोर्ड ब्राह्मण महापुरुषों के इतिहास के शोध के लिए परशुराम पीठ की स्थापना भी करेगा ।
राजस्थान राज्य विप्र कल्याण बोर्ड अध्यक्ष  महेश शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को यहां शासन सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में विप्र बोर्ड गठन के बाद पहली समीक्षा बैठक आयोजित की।

इस दौरान बोर्ड अध्यक्ष  शर्मा ने राज्य की कांग्रेस सरकार एवं मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने विप्र समाज के उत्थान एवं कल्याण के लिए विशेष पहल करते हुए वर्ष 2022 में राजस्थान राज्य विप्र कल्याण बोर्ड का गठन किया।

उन्होंने बताया कि विप्र कल्याण बोर्ड द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर वास्तु, ज्योतिष, कर्मकांड, वेद विज्ञान, पूजा पाठ, आध्यात्मिक चिंतन एवं पौरोहित्य संबंधि विषयों पर शॉर्ट टर्म प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बोर्ड का मुख्य उद्देश्य विप्र समाज के विभिन्न वर्गों का जायजा लेने एवं उनके लिए सामजिक एवं शैक्षणिक उत्थान के लिए कार्य करना है। इस दिशा में विप्र समाज विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के संचालन तथा विभिन्न गतिविधियों के निष्पादन के लिए राज्य स्तर पर विप्र कल्याण कोष, विप्र भवन निर्माण के लिए भूमि आवंटन की स्थापना का प्रस्ताव लेने का निर्णय लिया गया।

विप्र कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष ने बताया कि राजस्थान राज्य विप्र कल्याण बोर्ड की प्रमुख गतिविधियों विप्र समाज की विभिन्न वर्गों के उत्थान एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए नवीन योजनाएं, कार्यक्रमों के प्रारूप तैयार कर राज्य सरकार को अभिशंषा हेतु भेजे जाएंगे ताकि विप्र समाज की बालक-बालिकाओं के शैक्षणिक विकास, प्रारंभिक अवस्था से वेद विद्या का ज्ञान एवं विप्र समाज में कला एवं रचनात्मक गतिविधियों का प्रोत्साहन किया जा सके।

महेश शर्मा ने बताया कि विप्र कल्याण बोर्ड के माध्यम से विप्र समाज उत्थान हेतु कार्यरत विभिन्न गैर सरकारी धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों तथा मंदिरों में कार्यरत पुजारियों एवं व्यक्तियों का एकीकृत डाटा बैंक तैयार किया जाएगा। इस डाटा बैंक से विप्र समाज के संगठनों एवं पुजारियों का पंजीकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विप्र कल्याण बोर्ड की वेबसाइट एवं लॉगो का निर्माण करने का प्रस्ताव भी बैठक में लिया गया। साथ ही विप्र कल्याण बोर्ड को उसके उद्देशयों एवं कार्यों के प्रभावी निष्पादन के लिए बोर्ड को आवश्यक परामर्श व सहयोग देने के लिए विशेषज्ञ समिति के गठन का प्रस्ताव भी लिया है।

बैठक में बोर्ड की उपाध्यक्ष मंजू शर्मा, बोर्ड सदस्य  राजकुमार, पंडित सुरेश चंद,  पवन शर्मा, डॉ. भास्कर शर्मा, राजेश रामदेव एवं श्रम विभाग के अतिरिक्त श्रम आयुक्त श्री पतंजलि भू, संयुक्त निदेशक उद्योग, श्री पी.एन. शर्मा, सहायक आयुक्त देवस्थान विभाग  आकाश रंजन शर्मा एवं ग्रामीण विकास विभाग के अतिरिक्त आयुक्त के.एम.धूरिया एवं शिक्षा विभाग के उप सचिव श्री सलीम खान एवं अन्य उच्च अधिकारी मौजूद रहे।

Sameer Ur Rehman
Editor - Dainik Reporters http://www.dainikreporters.com/