प्रदेश मे कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों की नियमन दरें

✍️ चेतन ठठेरा


Jaipur News । नगरीय विकास विभाग ने नगरीय निकायों में कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों का नियमन करने के बाद नियमन की दरें भी घोषित कर दी हैं। साढ़े सात साल बाद इन दरों में बढ़ोतरी करते हुए आवासीय भूखंड ही नहीं कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों में बने होटल,मोटल,रिसोर्ट,स्कूल,अस्पताल और औद्योगिक गतिविधियों की दरें तय करते हुए उनके नियमन की भी छूट दे दी है।

नई दरें अगले वर्ष 31 मार्च तक लागू रहेंगी। इसके बाद 1 अप्रेल को इनमें साढ़े सात प्रतिशत की स्वत:बढ़ोतरी हो जाएगी। कांग्रेस सरकार के दूसरे कार्यकाल में प्रशासन शहरों के संग अभियान के दौरान 17 जून 1999 के बाद कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों का नियमन किया गया था।

अब इन कॉलोनियों के नियमन के लिए नई दरें लागू की गई हैं। पिछली बार 21 सितम्बर 2012 को नियमन दरें तय की गई थी। अब नियमन दरों में दस प्रतिशत की बढोतरी की गई है। ये दरें जयपुर में मास्टरप्लान के यू 1 एरिया के बाहर व अंदर, नगर निगम क्षेत्र के बाहर व अंदर और अन्य शहरों में भी निकाय क्षेत्र के अंदर व बाहर स्थित कॉलोनियों की अलग-अलग तय की गई हैं।

ये रहेंगी दरें -200 वर्ग मीटर से बड़े आवासीय भूखण्ड की नियमन दर जयपुर में 210 से 350 रुपए प्रति वर्ग मीटर होगी जोधपुर, अजमेर,कोटा,उदयपुर, बीकानेर,भीलवाड़ा और भिवाड़ी में 210 से 260 रुपए प्रति वर्गमीटर नियमन दर लगेगी 50 हजार से अधिक आबादी वाले शहरों में 160 रुपये और इससे कम आबादी वाले शहरों में 110 रुपए प्रति वर्गमीटर नियमन दर होगी ।

200 वर्ग मीटर तक के आवासीय भूखण्ड की नियमन दर जयपुर में 180 से 260 रुपए प्रति वर्ग मीटर जोधपुर,अजमेर,कोटा,उदयपुर, बीकानेर,भीलवाड़ा और भिवाड़ी में 140 से 180 रुपए प्रति वर्गमीटर -50 हजार से अधिक आबादी वाले शहरों में 110 रुपये और इससे कम आबादी के शहर में 80 रुपए प्रति वर्गमीटर के हिसाब से नियमन दर लगेगी।