भीलवाड़ा राजस्थान

जननी सुरक्षा योजना में मिलने वाले घी के लिए मुहं ताक रही जहाजपुर क्षेत्र की गरीब महिलाएं

जहाजपुर

(आज़ाद नेब)

बीपीएल कार्डधारी परिवार की महिला को गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों की प्रसूताओं को प्रथम प्रसव पर संस्थागत होने की स्थिति में प्रसव उपरान्त छुट्टी के बाद 5 लीटर घी दिए जाने की योजना है। लेकिन जिले के जहाजपुर क्षेत्र की प्रसूताओं को यह लाभ नही मिल पा रहा है।

जहाजपुर क्षेत्र के हनुमान नगर थाना क्षेत्र की प्रसूताओं को ज्यादा प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों द्वारा नजदीकी देवली राजकीय अस्पताल में ले जाया जाता है लेकिन देवली सरकारी अस्पताल के जिम्मेदार बीपीएल कार्डधारी महिलाओं को घी का कूपन नही देते है और जहाजपुर से लेना यह कहकर टरका देते है, ऐसे में जननी सुरक्षा योजना पर सवाल खड़े हो रहे है।

मजे की बात यह है कि इस लापरवाही पर उच्च अधिकारी अनजान बने हुए है। जानकारी के अनुसार देवली से सटे जहाजपुर क्षेत्र के कुछ गाँवो में प्रसव पीड़ा होने पर महिलाओं को देवली अस्पताल ले जाया जाता है, क्योकि यह 4-5 किलोमीटर की दूरी पर है जबकि जहाजपुर अस्पताल 20 किलोमीटर दूरी पर है। सरकारी अस्पताल मे बीपीएल परिवारों की गर्भवती महिलाओं को प्रसव के बाद पीसीटीएस सॉफ्टवेयर से जनरेट कर पांच किलो देशी घी के कूपन दिया जाता है। यह कूपन सरकारी अस्पताल में डिलीवरी के बाद डिस्चार्ज के सात दिन में जारी होते है।

विशेष परिस्थितियों में 15 दिन में भी जारी किए जा सकते है। लेकिन जहाजपुर क्षेत्र की बीपीएल कार्डधारी महिलाओं को यह कूपन नही दिया जा रहा है और तर्क दिया जा रहा है कि जहाजपुर जाकर कूपन लेलो। दो जिलो के अधिकारियों की आपसी खींचतान में गरीब महिलाओं को योजना का लाभ नही मिल पा रहा है। और महिलाएं अस्पताल के चक्कर लगाते लागते 5 किलो घी की आस छोड़ चुकी है।

इस मामले की पड़ताल की तो कई चोकाने वाले तथ्य सामने आए की देवली राजकीय अस्पताल से दिनांक 26 अक्टूबर 2018 को कार्यालय क्रमांक 786 का पत्र लिखा गया जिसमें बताया कि श्रीमती मीना पत्नी राधेश्याम निवासी बराला पोलियो का प्रसव देवली अस्पताल में दिनांक 23 अक्टूबर 2018 को हुआ, प्रमुख शाशन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के परिपत्र क्रमांक में दिए गए विभिन्न निर्देशो की अनुपालना में बीपीएल प्रथम प्रसव पर देय देशी घी का कूपन इस अस्पताल द्वारा जारी नही किया गया, महिला को घी निवास स्थान पर कूपन दिया जाएगा।

इस पत्र पर जहाजपुर ब्लॉक् चिकित्सा अधिकारी कालूराम चौधरी ने कहा कि सरकारी गाइडलाइन के मुताबिक जिस सरकारी संस्थान में प्रसव होता है उसी से घी दिया जाता है, लेकिन देवली अस्पताल में ऐसा नही किया जा रहा उनसे हमने वात भी करी, ओर इस मामले को लेकर जयपुर उच्च अधिकारियों को अवगत कराया है। वही देवली चिकित्सा अधिकारी कैलाश मित्तल ने बताया कि मामले की मुझे जानकारी नही है, मूझे आज ही मालूम हुआ है समन्धित को पाबंद किया जाएगा और महिलाओं को घी उपलब्ध कराया जाएगा,भीलवाड़ा मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रकाश शर्मा ने बताया कि देवली हमारे कार्यक्षेत्र में नही है ऐसे में वहां के अधिकारी हमारी बात नही मानते है ,मामले को लेकर उच्च अधिकारियों से वार्ता की जाएगी !

वही इस मामले में चिकित्सा नोडल अधिकारी अशोक दत्त ने भी इस मामले में अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि इस मामले को में नहीं देखता मेरा कार्यक्षेत्र मैं नहीं है। ऐसे में सवाल खड़ा होता है की सरकार द्वारा चलाई जा रही जननी सुरक्षा योजना में कुछ अधिकारियों की लापरवाही की वजह से गरीब तबके के लोगों को इसका फायदा नहीं पहुंच पाता है।

Azad Mohammed nab
आज़ाद मोहम्मद नेब में दैनिक रिपोर्टर्स के आलावा एडिटर स्मार्ट हलचल, रिपोर्टर HNN news, tv100 ,लाइव टुडे, साधना प्लस, सरेराह, हुक्मनामा समाचार, जयपुर टाइम्स साथ काम करता हू .पत्रकारिता से आमजन की बात प्रशासन तक पंहुचाना मेरा मकसद है . whatsapp 8890400865, 8058220365

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