PFI के प्लान B का खुलासा,क्या जानें, राजस्थान में PFI के सर्वाधिक सदस्य

सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियों को जांच में चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है

September 23, 2022 10:44 am
PFI के प्लान B का खुलासा,क्या जानें, राजस्थान में PFI के सर्वाधिक सदस्य

नई दिल्ली/ राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए(NIA) ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया(PFI) द्वारा आतंकवादियों को आर्थिक मदद तथा आतंक का प्रशिक्षण और देश विरोधी गतिविधियां दंगे भड़काने में हाथ हनेने के सबूतों के बाद कल देशभर के 11 राज्यों में 100 से अधिक पीएफआई के ठिकानों पर किए गए सर्च ऑपरेशन और 106 से अधिक पीएफआई के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के साथ ही जांच एजेंसी एनआईए की जांच में (PFI) के प्लान B का भी खुलासा हुआ है।

 

सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियों को जांच में चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है कि पीएफआई (PFI) ने केंद्र सरकार द्वारा इस पर प्रतिबंध लगाने की आशंका और प्रतिबंध लगाने के बाद अपनी गतिविधियों को संचालित करते रहने के लिए प्लान B भी तैयार किया था ताकि वह इस प्लान के जरिए अपने नापाक मंसूबों को जारी रख सकें। और अगर इसे यूं कहें की पीएफआई (PFI) ने सरकार द्वारा प्रतिबंध लगा देने के बाद भी अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए पहले से ही प्लान बी के तहत कई संगठन तैयार कर लिए जिनके जरिए देश में अपने एजेंडे को जारी रख सकें इसके लिए(PFI) ने पूरा प्लान बनाया हुआ था लेकिन इसकी भनक जांच एजेंसियों को लगते ही एजेंसी ने इसका पर्दाफाश कर दिया। 

 

सूत्रों के अनुसार आंतरिक सुरक्षा कार्यालय के कुछ इस तरह दस्तावेजों के अनुसार संगठन को सरकारी एजेंसियों पर प्रतिबंध से बचने और आतंकी एजेंडा फैलाने के तैयार किया गया है और इस प्लान बी के तहत(PFI) द्वारा जो संगठन बनाए गए हैं उनमें प्रमुख रूप से है ।

 

1– नेशनल डेमोक्रेटिक ट्रेड यूनियन

2– रिहैब इंडिया फाउंडेशन

3– एचआरडीएफ

4– राष्ट्रीय महिला मोर्चा

5– केंपस फ्रंट ऑफ इंडिया

6– अखिल भारतीय इमाम परिषद

7– नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमर राइट आर्गेनाईजेशन

8– अखिल भारतीय कानूनी परिषद

9– सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया

 

राजस्थान मे PFI की जडें काफी गहरी

 

सूत्रो के अनुसार पिछले कुछ समय से राजस्थान में भी पीएफआई की सक्रियता काफी हुई है और इसकी जड़ें गहरी बनी है और राजस्थान में इसके सबसे ज्यादा सक्रिय सदस्य हैं । यहां कहीं मुस्लिम स्कॉलर्स( विद्यार्थी) और मौलाना पीएफआई से जुड़े हुए हैं इसका प्रत्यक्ष उदाहरण कर्नाटक में हुए हिजाब प्रकरण के बाद कोटा में फरवरी माह में पीएफआई द्वारा एक विशाल रैली निकाली गई थी और इसके अलावा अजमेर दरगाह के अंजुमन सैयद जादगान सचिव सैयद सरवर चिश्ती का भी कई अवसर पर पीएफआई(PFI) का कनेक्शन सामने आ चुका है

 

PFI को आर्थिक मदद कैसे मिलती

 

पीएफआई को ज्यादातर आर्थिक मदद उनकी सदस्यता फीस और जकात के माध्यम से होती है इसके पदाधिकारी लगातार उन देशों की यात्रा भी करते हैं और खाड़ी देशों तथा इस्लामिक देशों से जकात के नाम पर पीएफआई को बड़ी राशि आर्थिक मदद के रूप में मिलती है इसके अलावा और कई बार हवाला के जरिए भी आर्थिक उगाही के आरोप पीएफआई पर लगते रहे हैं।

 

 

राजस्थान मे PFIका आतंकी कनेक्शन की घटनाएं

 

करौली- 2 अप्रैल को हिंदू नव वर्ष के मौके पर भडके कर दंगे । इन दंगो मे 35 दुकाने एक मकान हुए आगजनी के हवाले कई वाहन तोड़ दिए गए और आग के हवाले किए गए 5 पुलिसकर्मी सहित करीब 40 से अधिक घायल हुए थे दंगों की जांच पड़ताल में सामने आया कि करौली के पार्षद मतलूब अहमद के इशारे पर यह दंगे हुए थे और इनमें पीएफआई के हाथ होने की भी बात सामने आई थी घटना के बाद एक पखवाड़े के अंदर देश के करीब 9 राज्यों में 10 अवसर पर सांप्रदायिक हिंसा हुई थी और यह सभी घटनाएं एक ही तरह से हुई थी।

 

जोधपुर- 3 मई को जोधपुर में अक्षय तृतीया के दिन झंडा लगाना को लेकर हुआ विवाद हिंसा में बदल गया घर और दुकानों में तेजाब और पेट्रोल की बोतलें फेंकी गई तथा हुए इस घटना की जांच पड़ताल में सामने आया कि शहर में आतंक मचाने के लिए बाहर से लोग आए थे और उनका साथ स्थानीय कट्टरपंथियों ने दिया था तथा इसमें भी पीएफआई का हाथ सामने आया था।

 

भीलवाड़ा- 4 मई को शहर के उपनगर सांगानेर में रात को कर्बला के पास बैठे मुस्लिम समुदाय के दो युवकों पर 8 से 10 लोगों ने हमला कर दिया और दोनों की जमकर मारपीट करने के बाद उनकी बाइक जला दी थी इसके बाद 10 मई कि रात को 11:00 बजे शहर के शास्त्री नगर में युवकआदर्श तापड़िया की सीने में चाकू घोंप कर हत्या कर दी गई 11 मई को परीक्षा देकर लौट रहे छात्रों पर चाकू से हमला कर दिया गया इन तीनों ही मामलों में जांच पड़ताल में सामने आया कि आरोपी दंगा भड़काना चाहते थे हालांकि इन घटनाओं में पीएफआई का सीधा कनेक्शन सामने नहीं आया था।

 

उदयपुर- 28 जून को उदयपुर में कन्हैया लाल साहू दर्जी की भाजपा की निलंबित पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में कन्हैया लाल के बेटे द्वारा पोस्ट डालने के बाद उसकी तालिबानी ढंग से हत्या कर दी गई हत्यारों ने कन्हैया लाल की हत्या से पहले और हत्या के बाद वीडियो बनाकर वायरल भी किया था और इस मामले में की गई जांच पड़ताल में पीएफआई से जुड़े लोगों का कनेक्शन सामने आया था।

Prev Post

राजस्थान में सरकार का बदलेगा पायलट, सचिन या जोशी, गहलोत 28 को भरेंगे नामांकन, चुनाव रौचक

Next Post

विद्युत रीडिंग कम होने के बावजुद बिल की राशि चार गुना तक वसूली, विधायक ने विधानसभा उठाया मामला

Related Post

Latest News

पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप, परिवादी को ही कर रही है परेशान 
टोंक के बनेठा थाने का एसआई 10 हज़ार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, एक प्रकरण में कार्रवाई नही करने की एवज में मांग रहा था घूस
Rural Olympic Games - Innovative brilliant initiative of Bhilwara Collector Modi

Trending News

राजस्थान के मंत्रियो व कांग्रेस विधायको को चेतावनी
NPS कार्मिक 01 अप्रैल 2022 के पश्चात NPS आहरण की राशि को पुनः 31 दिसंबर 2022 तक एकमुश्त अथवा अधिकतम 4 किस्तों में जमा करानी होगी
चिरंजीवी योजना में सहायता के लिए फोन 01482-232643 पर करे घंटी 2 घंटे में समाधान
प्रिंसिपल डाॅ. खटीक पुनः बने जिलाध्यक्ष 

Top News

राजस्थान के मंत्रियो व कांग्रेस विधायको को चेतावनी
पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप, परिवादी को ही कर रही है परेशान 
NPS कार्मिक 01 अप्रैल 2022 के पश्चात NPS आहरण की राशि को पुनः 31 दिसंबर 2022 तक एकमुश्त अथवा अधिकतम 4 किस्तों में जमा करानी होगी
चिरंजीवी योजना में सहायता के लिए फोन 01482-232643 पर करे घंटी 2 घंटे में समाधान
टोंक के बनेठा थाने का एसआई 10 हज़ार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, एक प्रकरण में कार्रवाई नही करने की एवज में मांग रहा था घूस
REET - 2022 का परीक्षा परिणाम घोषित 
राजस्थान में रहेगा गहलोत का ही राज, सचिन.. 
Rural Olympic Games - Innovative brilliant initiative of Bhilwara Collector Modi
राजस्थान में PFI पर शिकंजा कसने के कलेक्टर व एस पी को दिए अधिकार, पदाधिकारी भूमिगत
गहलोत नही लडेंगे चुनाव, सिंह कल भरेंगे नामांकन,राजस्थान पर फैसला आज