Chinmayi Gopal
टोंक राजस्थान

पनवाड़ सागर की भराव क्षमता बढ़ाने की मांग को लेकर कलेक्टर को दिया ज्ञापन

टोंक।  जल उपभोक्ता संगम पनवाड़ सागर ने  पनवाड़ सागर की भराव क्षमता 14 फीट से बढ़ाकर 16 फीट बढ़ाने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया।जल उपभोक्ता संगम पनवाड़ सागर की ओर से लादूलाल मीणा, रणजीत सिंह एडवोकेट, बाबू माली, रामप्रसाद वैष्णव, रमेश माली, चेतन प्रकाश बैरवा, त्रिलोक चंद आदि ने दिए ज्ञापन में बताया कि पनवाड़ सागर जो कि तहसील देवली में स्थित है। नवाड़ सागर की सिंचाई नहरों से वर्तमान में पनवाड़ सेन्दियावास, बाललक्ष्मण, गोपीपुरा, कुषालपुरा, कल्याणपुरा आदि गांव के किसानों द्वारा अपनी कृषि भूमि की सिंचाई की जाती है। उक्त किसान अत्यधिक गरीब होने के कारण कृषि पर आश्रित हैं।

उक्त गांव के किसानों के पास कृषि भूमि की सिंचाई के लिए पनवाड़ सागर की संचाई नहरों के अलावा अन्य कोई सिंचाई संबंधी साधन नहीं है। पनवाड़ सागर की भराव क्षमता संसाधन एवं व्यवस्था के आधार पर 18 फीट है। जो कि उक्त भराव क्षमता पनवाड़ सागर की सिंचाई नहर के मुख्य द्वार पर प्रसाधन द्वारा अंकित है लेकिन प्रषासन द्वारा कई वर्षों से बिना किसी कारण उक्त पनवाड़ सागर की भराव क्षमता 14 फीट तक ही सिमित कर रखा है। बारिश के पानी की आवक होने से पनवाड़ तालाब ज्यों ही 14 फीट भर जाता है। उक्त पनवाड़ सागर का 14 फीट पानी भी सिंचाई का समय आते आते रिसाव होने के कारण लगभग 12 फीट की रह जाता है। 

पनवाड़ सागर की भराव क्षमता कम होने के कारण जब सिंचाई के उक्त सिंचाई नहरें चालू की जाती हैं तो उक्त सिंचाई का पानी अन्तिम छोर तक नहीं पहुंच पाता है। जिससे कहीं गरीब व कमजोर किसान अपनी कृषि भूमि की सिंचाई से वंचित रह जाते हैं। इस दौरान किसानों की कृषि भूमि तक सिंचाई का पानी नहीं पहुंचने के कारण कई बार ऐसी घटनाएं घटित हो चुकी हैं। वर्तमान में पनवाड़ सागर से भारी मात्रा में कृषि भूमि सिंचित की जाती है। इसलिए पनवाड़ सागर का 14 फीट पानी पर्याप्त नहीं है। इसलिए गरीब एवं असहाय किसानों की कृषि भूमि की सिंचाई की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए। पनवाड़ सागर की भराव क्षमता 14 फीट से बढ़ाकर 16 फीट की जानी अति आवश्यक है।

Sameer Ur Rehman
Editor - Dainik Reporters http://www.dainikreporters.com/