मीडिया की स्वतंत्रता बरकरार रहनी चाहिए, खुलकर सरकार की आलोचना करने का अधिकार है-सचिन पायलट

Tonk News  (फिरोज़ उस्म्मानी) –  एक और तो कांग्रेस नेता राहुल गांधी खुले मंचों से केन्द्र सरकार व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi)पर मीडिया से दबाव में काम करने का आरोप लगाते रहे है। वहीं दूसरी राजस्थान के मुंख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) उसके विपरित मीडिया पर दबाव बनाने की बात कर रहे है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के मीडिया को लेकर दिए विज्ञापन वाले बयान पर लेकर खासें चर्चाओं में आ गए है। वहीं दूसरी और डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot )राहुल गांधी की बात का अनुसरण करते हुए मीडिया के पक्ष में नजर आ रहे है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मीडिया को लेकर दिए विज्ञापन वाले बयान पर डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने पलटवार करते हुए कहा कि मीडिया को खुलकर सरकारों की अलोचना करने का अधिकार है। मीडिया खुलेपन से अपनी बात रखें। वो एक नेता,दल या एक सरकार पर सीमित नही होना चाहिए। अगर मीडिया हमें अपनी कमियां बताता है, तो उसे स्वीकारना चाहिए।

अपनी गलतियों का सुधार करना चाहिए। एक तरफ तो हम मीडिया के मामले में मोदी सरकार पर दबाव की राजनीति करने आरोप लगाते हुए कहते है कि मीडिया की स्वतंत्रता बरकरार रहनी चाहिए। दूसरी और स्वंय ही उसका पालन ना करें। ये सही नही होगा। हमारी सरकार को भी इन बातों का पालन करना चाहिए। ओर हमारी कथनी व करनी में अंतर नही होना चाहिए। पायलट ने कहा कि मुझे मालूम नही कि किस सन्र्दभ में मुख्यमंत्री ने ऐसी बात बोली है।

 

  गहलोत का वो बयान जिस पर बवाल है

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 16 दिसंबर को मुख्यंमत्री निवास पर आयोजित प्रेंस कॉन्फैंस में कहा था कि मीडिया को विज्ञापन तभी मिलेगा। जब वो सरकार की योजनाओं का प्रसार करेंगी। इन बात की बारीकी से मॉनिटरिंग करेंगें कि किस मीडिया ने कितना प्रसार किया। इसी आधार पर निर्णय होगा कि उसे कितना विज्ञापन मिलें।