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कुलदीप बिश्नोई ने थामा बीजेपी का दामन, राजस्थान में 1 दर्जन सीटों पर दिख सकता है साइड इफेक्ट

जयपुर। हरियाणा के दिग्गज और बेहद प्रभावशाली माने जाने वाले कांग्रेस नेता कुलदीप बिश्नोई अब कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए हैं। कुलदीप विश्नोई का बीजेपी में जाना कांग्रेस के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। कुलदीप बिश्नोई हरियाणा के साथ-साथ राजस्थान में भी अपना खाता प्रभाव रखते हैं, यही वजह है कि कुलदीप बिश्नोई के बीजेपी ज्वाइन करने के बाद बीजेपी को राजस्थान में साल 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में खासा चुनावी फायदा होने की उम्मीद है।बता दें कि कुलदीप बिश्नोई हरियाणा कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे हैं। जून में हरियाणा में हुए राज्यसभा चुनाव में कुलदीप बिश्नोई ने क्रॉस वोटिंग की थी जिसके चलते कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अजय माकन को हार का सामना करना पड़ा था और उसके बाद ही कांग्रेस ने कुलदीप बिश्नोई को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।

राजस्थान में 1 दर्जन सीटों निर्णायक भूमिका में है बिश्नोई समाज

अकेले राजस्थान की बात करें तो प्रदेश की कम से कम एक दर्जन सीटें ऐसी है जहां पर विश्नोई समाज निर्णायक भूमिका में है, खासकर मारवाड़ अंचल के कई विधानसभा क्षेत्र से जहां पर विश्नोई समाज बाहुल्य है। इनमें जोधपुर की लोहावट, ओसियां, जालौर में सांचौर बीकानेर में नोखा और बीकानेर पश्चिम जैसे सीटें हैं। हालांकि सरकार में अभी सुखराम विश्नोई मंत्री हैं।

दोनों ही तरफ है विश्नोई समाज का झुकाव

दरअसल विश्नोई समाज का झुकाव राजस्थान में बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही तरफ है। दोनों ही पार्टियों से दो-दो विधायक जीत कर आए हैं। हालांकि पहले विश्नोई समाज को कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक माना जाता रहा है।

Sameer Ur Rehman
Editor - Dainik Reporters http://www.dainikreporters.com/