दो दलालों के जरिए 8 लाख घूस ले रहा था खान विभाग का संयुक्त सचिव

एसीबी के एडिशनल एसपी पृथ्वीराज ने बताया कि गिरफ्तार कुमावत यहां ज्योति नगर थाने के सामने लालकोठी योजना में रहता है। उसने अपने दलालों के जरिए परिवादी से उसका काम निपटाने के एवज में 8 लाख 50 हजार रुपए की घूस मांगी थी। शिकायत का सत्यापन कर बुधवार को घूस की रकम लेकर परिवादी को भेजा गया। दलाल विकास ने 7 लाख रुपए की घूस में से अपने 2 लाख काटकर दूसरे दलाल ओम को थमा दिए। ओम भी इस रकम मेें से अपनी दलाली 1 लाख रुपए काटकर 4 लाख रुपए लेकर कुमावत के पास पहुंच गया। कुमावत ने रिश्वत की रकम ली तो एसीबी ने उसे दबोचकर रिश्वत राशि बरामद कर ली

matter seeking money in SMS hospital

जयपुर

भ्रष्टचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी)ने बुधवार को खान विभाग के संयुक्त सचिव बंधीधर कुमावत को चार लाख रुपए की रिश्वत लेते दबोच लिया।  रिश्वत दो दलाल विकास डांगी ओर ओम ङ्क्षसह के जरिए ली थी,जिन्हें भी गिरफ्तार कर लिया है। ब्यूरो ने दलाल और अधिकारी के घर सर्च ऑपरेशन किया जहां  काफी सम्पत्ति होने के साक्ष्य मिले हैं। एसीबी तीनों से पूछताछ कर भ्रष्टïाचार के खेल में शामिल घूसखोरों का पता लगा रही है। हालांकि ब्यूरो ने मंगलवार देर रात ही भ्रष्टïाचारियों पर शिकंजा कस लिया था,मगर पूरी चेन के गिरफ्त में नहीं आने के चलते कार्रवाई को गोपनीय रख बुधवार सुबह अंजाम दिया गया। कुमावत वर्ष,1998 बैच के आरएएस अधिकारी है।

एसीबी के एडिशनल एसपी पृथ्वीराज ने बताया कि गिरफ्तार कुमावत यहां ज्योति नगर थाने के सामने लालकोठी योजना में रहता है। उसने अपने दलालों के जरिए परिवादी से उसका काम निपटाने के एवज में 8 लाख 50 हजार रुपए की घूस मांगी थी। शिकायत का सत्यापन कर बुधवार को घूस की रकम लेकर परिवादी को भेजा गया। दलाल विकास ने 7 लाख रुपए की घूस में से अपने 2 लाख काटकर दूसरे दलाल ओम को थमा दिए। ओम भी इस रकम मेें से अपनी दलाली 1 लाख रुपए काटकर 4 लाख रुपए लेकर कुमावत के पास पहुंच गया। कुमावत ने रिश्वत की रकम ली तो एसीबी ने उसे दबोचकर रिश्वत राशि बरामद कर ली।

माइनिंग कारोबारी परिवादी की लम्बे समय से चित्तौडग़ढ़ में माइंस बन्द पड़ी थी। विभाग ने उस पर करीब 8 करोड़ रुपए की पेनल्टी लगाई थी। पीडि़त ने महकमे में संपर्क किया तो कुमावत ने दलालों से संपर्क करने को कहा। पेनल्टी में राहत देने और मामला निपटाने के लिए 8 लाख 50 हजार रुपए की डील हुई थी। दलालों ने अपने हिस्से काटकर अधिकारी दिए तो तीनों सलाखों तक पहुंच गए। हालांकि रिश्वत की कुछ राशि आरापी पहले ही ले चुके थे। एसीबी उससे पूछताछ कर चेन जोडऩे का प्रयास कर रही है।