आखातीज पर फिर अनूठा संदेश, 8 साल में ब्याही ममता 13 साल बाद बाल विवाह के बंधन से मुक्त सारथी ट्रस्ट ने आखातीज पर लगातार चाौथे साल बाल विवाह मुक्त करा रचा इतिहास, ममता करीब 13 साल से झेल रही थी बाल विवाह का दंश

 

जोधपुर। अबूझ सावों के तौर पर बाल विवाह करवाने के लिए खास दिन माने जाने वाले आखातीज से तीन दिन पहले लगातार चाौथे साल सूर्यनगरी के सारथी ट्रस्ट ने बालिका वधु को बाल विवाह की बेडियों से आजाद कराकर नई ऐतिहासिक मिसाल गढ़ दी। 8 साल की उम्र में बाल विवाह के बंधन में बंधने के बाद करीब 13 साल तक दंश झेलकर आखिरकार 21 वर्षीय ममता विश्नोई को बाल विवाह से मुक्ति मिल गई। जोधपुर के पारिवारिक न्यायालय संख्या- 1 ने ममता के बाल विवाह से मुक्ति का फैसला सुनाया। ममता ने सारथी ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी एवं पुनर्वास मनोवैज्ञानिक डाॅ.कृति भारती का संबल पाकर बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाई थी।

21वर्षीय ममता विश्नोई का बाल विवाह आठ साल की उम्र में बाडमेर जिले निवासी युवक के साथ हुआ था। बाल विवाह के बारे में ममता को कुछ सालों पूर्व ही पता चला। जिससे ममता काफी अवसादग्रस्त हो गई।

सारथी ने दिया संबल 

सारथी ट्रस्ट के एक ओरिएंटेशन कैंप में ममता ने डाॅ.कृति भारती से मुलाकात कर खुद की पीडा बताई। जिस पर डाॅ.कृति ने ममता की काउंसलिंग कर संबल दिलाया। बाद में ममता के माता-पिता तो बालविवाह खत्म करवाने के लिए सहमत हो गए, लेकिन ससुराल वाले नहीं माने और लगातार धमकियां देते रहे।

न्यायालय में गुहार,मुक्ति के आदेश

जिसके बाद सारथी ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी एवं पुनर्वास मनोवैज्ञानिक डाॅ.कृति भारती की मदद से ममता ने जोधपुर पारिवारिक न्यायालय संख्या-1 में बाल विवाह खत्म करने का वाद दायर किया। साथ ही आयु व अन्य तथ्यों के संबंध दस्तावेजों से भी अवगत करवाया। जिसके बाद जोधपुर पारिवारिक न्यायालय संख्या 1 की न्यायाधीश श्रीमती रेखा भार्गव ने ममता के करीब 13 साल पहले हुए बाल विवाह से मुक्त करने का फैसला सुनाकर आखातीज से पहले बाल विवाह के खिलाफ समाज को कडा संदेश दिया।

आखातीज पर लगातार चैथे साल निरस्त का रिकाॅर्ड

आखातीज के मौके पर बाल विवाह करवाए जाने की रूढी के सामने डाॅ.कृति भारती ने आखातीज पर ही लगातार चाौथे साल बाल विवाह निरस्त करवाकर अनूठी नई परम्परा कायम कर मिसाल बना दी। डाॅ.कृति भारती ने जोधपुर पारिवारिक न्यायालय से वर्ष 2015 व 2016 में तथा अजमेर पारिवारिक न्यायालय में वर्ष 2017 में लगातार आखातीज पर बाल विवाह निरस्त करवा हैट्रिक रिकार्ड बनाया था। वहीं अब वर्ष 2018 में भी आखातीज पर बाल विवाह निरस्त करवाया है।

सारथी ट्रस्ट निरस्त में सिरमौर 

गौरतलब है कि कृति भारती ने ही देश का पहला बाल विवाह निरस्त करवाया था और उसके बाद 2015 में तीन दिन में दो बाल विवाह निरस्त करवाकर भी इतिहास रचा था। जिसके लिए कृति भारती का नाम कई रिकाॅर्ड्स में दर्ज किया गया। सीबीएसई ने भी कक्षा 11 के पाठ्यक्रम में सारथी की मुहिम को शामिल किया था। डाॅ.कृति ने अब तक 36 जोडों के बाल विवाह निरस्त करवाए हैं। वहीं सैंकडों बाल विवाह रूकवाएं हैं। जिसके लिए कई राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा जा चुका है।

————————

इनका कहना है:

अब ख्वाब पूरे करूंगी

मैं पैरामेडिकल कर रही हूं। अब कृति दीदी की मदद से बाल विवाह से मुक्ति मिलने के बाद अपने ख्वाब पूरे कर पाउंगी। मैं डाॅक्टर बनना चाहती हूं।

-ममता, बाल विवाह पीडिता ।

बेहतर पुनर्वास के प्रयास 

आखातीज के पावन पर्व पर बाल विवाह करवाने जाने के बजाय इस दिन बाल विवाह से मुक्त करवाने का अनूठा संदेश देने की हमारी मुहिम जारी है। ममता के बेहतर पुनर्वास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

– डाॅ.कृति भारती, पुनर्वास मनोवैज्ञानिक व मैनेजिंग ट्रस्टी, सारथी ट्रस्ट, जोधपुर