झुंझुनूं

शहीद कुलदीप सिंह को श्रद्धांजलि देने उमड़ा जनसैलाब

झुंझुनू,। तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए हेलिकॉप्टर क्रैश में झुंझुनू के स्क्वॉड्रन लीडर कुलदीप सिंह का अंतिम संस्कार आज उनके पैतृक गांव घरड़ाना के चौक में किया गया। उनकी पत्नी ने उन्हें मुखाग्नि दी। यहां पहले उनके पार्थिव शरीर को घर लाया गया। बेटे के शव के सामने रखी तस्वीर को देखकर उनकी मां ने प्यार किया और सैल्यूट भी किया।

वहीं पत्नी यश्विनी ने पूरे समय कुलदीप की तस्वीर अपने सीने से लगाकर रखी। कुलदीप सिंह का पार्थिव शरीर गांव के चैक में लाया गया। यहां उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद पत्नी ने उन्हें मुखाग्नि दी। दिल्ली से पत्नी उनके पार्थिव शरीर के साथ थी।

अंतिम संस्कार तक वे चुप-चुप सी रही। पति की तस्वीर को सीने से लगाए रखी। लेकिन जैसे ही मुखाग्नि दी वे बिलख-बिलख कर रोने लगी।

अपने शहीद बेटे के अंतिम दर्शन के लिए क्षेत्र का जनसैलाब उमड़ पड़ा। झुंझुनू से पार्थिव शरीर के साथ कई किलोमीटर लंबा काफिला उनके गांव पहुंचा। गांव में अंतिम दर्शन के लिए लोग छत पर खड़े होकर जय हिंद के नारे लगा रहे हैं। इससे पहले उनका पार्थिव शरीर झुंझुनूं हवाई पट्टी पर लाया गया था। उनके साथ उनकी बहन-जीजा और पत्नी भी है। हवाई पट्टी पर पत्नी शहीद कुलदीप की तस्वीर सीने से लगाए थी। जबकि बहन ने हाथ में तिरंगा थामे रखा।

रास्ते में भी श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। इसके साथ ही गांव के युवाओं ने तिरंगा रैली भी निकाली। वहीं हवाई पट्टी से जब पार्थिव शव रवाना हुआ तो उनके साथ वाहनों का लंबा काफिला था। जय हिंद के नारे लगा रहे थे। रास्ते में लोगों ने फूल बरसाए और श्रद्धांलजि दी। झुंझुनू से जब शहीद कुलदीप सिंह राव का पार्थिव शरीर रवाना हुआ तो वहां मौजूद लोगों ने जय हिंद के नारे लगाए। जो गांव बीच में आ रहा है वहां उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। इसके साथ उन गांवों से भी पिकअप और गाड़ियों में लोग उनके गांव जा रहे हैं। रास्ते में जगह-जगह डीजे पर देशभक्ति गाने और वंदे मातरम के नारे लगाए गए।

दिल्ली से जब रवाना हुए तब से पत्नी यश्वनी कुलदीप की तस्वीर सीने से लगाए थी। सेना के ट्रक में भी वे सबसे आगे थी। एक टक नजर से पति पार्थिव शरीर को देख रही थी। दिल्ली पालम एयरबेस से हेलीकाप्टर से हवाई पट्टी पर शहीद कुलदीप सिंह का पार्थिव शरीर पहुंचने पर उन्हें सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई। रास्ते में गाड़ियों पर सवार होकर स्थानीय लोग उनके काफिले के साथ गांव जा रहे हैं।

हाथ में तिरंगा लेकर जय हिंद के नारे लगा रहे हैं। पैतृक गांव घरड़ाना खुर्द में उनको अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए हैं। दूर-दराज से सभी लोग कुलदीप सिंह की पार्थिव देह के अंतिम दर्शन करने उनके गांव पहुंचे।

राजस्थान सरकार की और से सैनिक कल्याण मंत्री राजेन्द्र सिंह गुढ़ा ने शहीद कुलदीप सिंह राव को श्रधांजलि देते हुए उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर उनकी पत्नी, माताजी, पिताजी और अन्य परिवारजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की और ढांढस बंधाया।

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