युनूस खान ने पलटवार करते हुए कहा है कि गहलोत राज्य में कुर्सी का मोह नहीं छोड पा रहें हैं गहलोत विधायक रहते गत चार वर्षों में सिर्फ दो बार विधानसभा आए हैं

जयपुर । पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के राज्य सरकार पर लगाए गए आरोपों पर परिवहन मंत्री युनूस खान ने पलटवार करते हुए कहा है कि गहलोत राज्य में कुर्सी का मोह नहीं छोड पा रहें हैं। उन्हें केन्द्र में बडी जिम्मेदारी मिलने के बाद भी वे यहां आकर बयानबाजी कर रहें हैं। खान गुरुवार को भाजपा मुख्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गहलोत कांग्रेस की खोखली बयानबाजी की कुपरम्परा के संवाहक बन चुके है और रोजाना चर्चा में रहने के लिए अनर्गल बयानबाजी कर रहे है। गहलोत विधायक रहते गत चार वर्षों में सिर्फ दो बार विधानसभा आए हैं। अच्छा होता कि वे जो बयानबाजी बाहर कर रहें हैं उनको लेकर सदन में मुद्दे उठाते किन्तु उन्हें जनता के मुद्दों से कोई सरोकार नहीं है।

गहलोत के सीएम से इस्तीफा मांगे जाने पर खान ने चुटकी ली कि इससे पहले गहलोत को राजनीति से सन्यास ले लेना चाहिए। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने एक बार 156 सीटें तथा दूसरी बार जोड तोड कर 111 सीटे लेकर सरकार बनाई तथा उसके बाद उनकी पार्टी 21 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस की इस दुर्गती के लिए गहलोत को पहले ही राजनीति छोड देनी चाहिए थी।

भाजपा सांसदों के देशभर में किए गए उपवास पर खान ने बताया कि कांग्रेस सांसदों ने 22 दिनों तक राज्यसभा और लोकसभा की कार्रवाई बाधित रखी। इसके विरोध में भाजपा सांसदो ने उपवास किया है। कांग्रेस नेता पूर्ण रूप से गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाए हुए हैं। उनके पास मुद्दे नहीं है तो सदन ही नहीं चलने देेते। कांग्रेस के युवराज विदेश सैर पर जाते हैं और किसी से सीख लेकर यहां आकर अलोकतांत्रिक कदम उठाते हैं।

कांग्रेस केवल परिवारवाद में विश्वास रखती है, जनभावनाओं का सम्मान और लोकतंत्र का आदर इनके शब्दकोश में नही है। ये लोग मुद्दाविहीन हो चुके है और उल्टे-सीधे कृत्य करके चर्चाओं में रहने का प्रयास करते है। इसके लिए संसद में भ्रष्टाचार निरोधक बिल को रोका और 9 महत्वपूर्ण बिल पास होने से रोक दिए गए। महात्मा गांधी पर खान ने कहा कि उन पर कांग्रेस का कॉपीराईट नहीं है। कांग्रेस की असलियत को महात्मा गांधी ने तभी पहचान लिया था और कहा था कि एक राजनीतिक दल के रूप में कांग्रेस का अस्तित्व समाप्त हो जाना चाहिए।