वासुदेव देवनानी के व्‍यवहार पर उप नेता प्रतिपक्ष ने मांगी माफी, गतिरोध समाप्‍त

जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के विधायक वासुदेव देवनानी को एक दिन के लिए विधानसभा से निष्कासित किए जाने के मुद्दे पर उत्पन्न गतिरोध उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ द्वारा विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी से माफी मांगने के बाद बुधवार को समाप्त हो गया।

बुधवार को प्रश्नकाल शुरू होने से पूर्व उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्‍द्र राठौड़ ने कहा कि आसन सर्वोपरि है और उसका सम्मान आवश्यक है। जब सदस्य को बात कहने का मौका नहीं मिलता है तो वह उत्तेजना में इस तरह की एक्शन कर देता है। जो सदस्य का व्यवहार था उसे उचित नहीं कहा जा सकता। इस तरह की पुनरावृत्ति फिर नहीं होगी। राठौड ने कहा, आसन उदार है और ऐसी उदारता विपक्ष की तरफ भी होनी चाहिए। मैं आपसे प्रार्थना करता हूं कि इस तरह का वाकया भविष्य में नहीं होगा और आप अपना निर्णय वापस लें। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि सदस्य का व्यवहार गैर जरूरी था और ऐसे व्यवहार पर तो माफी मांगनी होगी। सदन में गलत परंपरा नहीं जानी चाहिए। इस पर राठौड़ ने सदस्य की तरफ से माफी मांगते हुए कहा कि यदि आसन आहत हुआ है तो हम क्षमा याचना करते हैं। राठौड़ के खेद व्यक्त करने के बाद विधानसभा में गतिरोध समाप्त हुआ और विधानसभा में प्रश्नकाल शुरू हुआ।

उल्‍लेखनीय है कि राज्य विधानसभा में सोमवार को आसन का सम्मान नहीं किए जाने के आरोप में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी को सदन से एक दिन के लिए निष्कासित कर दिया था। उन्हें बुधवार को भी माफी मांगने की शर्त पर सदन में प्रवेश देने का प्रस्ताव लिया गया है। इससे नाराज सभी भाजपा विधायक सदन का बहिष्कार कर चले गए थे।