Congress does politics of politics and appeasement: Shah
जयपुर राजनीति

क्या इस बार अमित शाह BJP की गुटबाज़ी खत्म कर पाएँगे

पिछले साल 21 जुलाई को तीन दिवसीय दोरे पर जयपुर आए थे और इस साल भी वह 21 जुलाई को जयपुर आएंगे

 

 

 

जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह एक साल बाद जयपुर आ रहे हैं। वह पिछले साल 21 जुलाई को तीन दिवसीय दोरे पर जयपुर आए थे और इस साल भी वह 21 जुलाई को जयपुर आएंगे। इस बार वह एक दिन जयपुर में रहेंगे। पिछले दौरे के दौरान शाह ने प्रदेश भाजपा के लिए विभिन्न लक्ष्य तय किए थे। पिछले एक साल में भाजपा ये गोल प्राप्त करने में असफल रही है।

पिछले एक साल में प्रदेश भाजपा कार्यकर्ताओं की आपसी गुटबाजी में उलझी रही और राष्ट्रीय अध्यक्ष के द्वारा निर्धारित लक्ष्य पर ध्यान नहीं दे पाई। पिछले साल शाह जयपुर के तीन दिवसीय दौरे पर आए थे। इस दौरान संगठनात्मक एवं अन्य 12 मीटिंग ली थी। उनका मेन फोकस संगठन और बूथ की मजबूती पर रहा। शाह ने प्रदेश भाजपा को सबसे बडा मंत्र अजेय भाजपा का दिया था। लेकिन प्रदेश भाजपा संगठन अजेय नहीं बन पाया।

शाह 21 जुलाई को प्रदेश भाजपा के एक साल के कार्य की समीक्षा करेंगे। शाह एक दिवसीय दौरे के दौरान प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को समबोधित करेंगे। साथ ही प्रदेश कार्यकारिणी, जिलाध्यक्षों, अग्रिम संगठनों के प्रमुखों, विधायक, सांसद, मंत्री और विस्तारकों की बैठक लेंगे। शाह सॉशल मीडिया वॉलिंटियर्स की वर्कशॉप को सम्बोधित करेंगे और प्रदेश कोर कमेटी की मीटिंग लेंगे। शाह के दौरे को लेकर प्रदेश भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश भाजपा ने पिछले साल में किए गए कार्यों की सूची तैयार की है।

शाह का मंत्र

प्रदेश भाजपा को राजस्थान में अजेय बनाना

स्थिति- शाह के दोरे आठ माह बाद प्रदेश की दो लोकसभा एवं एक विधानसभा सीट का उप चुनाव हुआ। भाजपा उपचुनाव वाले तीनों क्षेत्रों की 17 विधानसभा सीटों पर हार गई। नगरीय निकाय एवं पंचायीतराज उप चुनाव में भी भाजपा का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा।

एक साल के भीतर सभी जिलों में भाजपा कार्यालय बनाए जाए

प्रदेश के सभी 33 जिलो में भाजपा के कार्यालय नहीं है। प्रदेश भाजपा ने 28 जिलों में भाजपा कार्यालय के जमीन चिन्हित की। नगरीय निकायों ने 28 जिलो में भाजपा को जमीन आवंटित कर दी। भाजपा अभी तक केवल 17 जिलों में आवंटित जमीन का शुल्क जमा करा पाई है। जयपुर सहित पांच जिलों में कार्यालय के लिए अभी तक जमीन भी चिन्हित नहीं की गई है।

-विस्तारक योजना को प्रदेशभर में लागू किया जाए। एक साल के लिए विस्तारक नियुक्त किए जाएं।
विस्तारक योजना गति नहीं पकड पाई। भाजपा ने अभी तक 200 में से केवल 117 विधानसभा क्षेत्र में विस्तारक नियुक्त कर पाई है। लोकसभा चुनाव तक काम करने वाले विस्तारकों की नियुक्ति अभी तक नहीं हुई है।

पार्टी कार्यकर्ता सार्वजनिक मंच पर संगठन एवं सरकार के खिलाफ बयानबाजी नहीं करें

घनश्याम तिवाडी, ज्ञानदेव आहूजा सहित भाजपा के कई नेताओं ने सार्वजनिक बयान दिए। संगठन में गुटबाजी बढी। विधायकों, मंत्रियों और पार्षदों के बीच विवाद हुए।

विस्तारकों को बाइक की जाएगी
भाजपा विस्तारकों को बाइक नहीं दी पाई

बूथ इकाई गठित की जाए और बूथ को मजबूत किया जाए

प्रदेश के सभी 51 हजार पोलिंग बूथ पर भाजपा की संगठन इकाई नहीं बन पाई। भाजपा को बूथ पर 21 सदस्यीय कार्यकारिणी बनानी थी। कुछ बूथों पर 11 सदस्यीय कार्यकारणी बनाई गई। बूथ कार्यकारिणी कागजो में बना दी गई। जिसके कारण भाजपा को बूथ वेरिफिकेशन प्रोग्राम चलाना पडा।

liyaquat Ali
Sub Editor @dainikreporters.com, Provide you real and authentic fact news at Dainik Reporter.

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