जयपुर के मालवीय नगर इलाके में दूसरे दिन दूसरी गैंग ने की फायरिंग

Firing here in Rajasthan, two injured, accused arrested

Jaipur News : शहर में बदमाशों के बीच चल रही वर्चस्व की जंग अब खूनी रंग ले रही है। एक-दूसरे को ठिकाने लगाने की ठान बैठे बदमाशों ने बदले की भावना से मंगलवार तड़के अंधाधुंध फायरिंग ( firing) कर दहशत फैला दी। मालवीय नगर (Malviya Nagar) में हुई घटना को सोमवार को विरोधी गुट के बदमाश (scoundrel) को गोली मारने के बाद बदले की भावना से जोड़कर देखा जा रहा है।

डीसीपी (ईस्ट) राहुल जैन (DCP (East) Rahul Jain) भी फायरिंग की घटना के बाद मौके पर पहुंचे जहां से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस के अनुसार सीसीटीवी कैमरों (Cctv cameras) में दो संदिग्ध नकाबपोश के कैद होने की बात सामने आई है। पुलिस को मिल रहे इनपुट के आधार पर सोमवार और मंगलवार को हुई फायरिंग के आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की बात सामने आ रही है।

गौरतलब है कि सोमवार दोपहर को मालवीय नगर सेक्टर-3 स्थित जीएसआई कॉलोनी (GSI Colony) के तिराहे पर स्कार्पियो (Scorpio) सवार बदमाशों पर वर्ना सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थी। एक गोली स्कार्पियो में बैठे बदमाश कैलाश ठठेरा मूलत: निवासी हरियाणा के लगी थी।

उसके साथ गाड़ी में किशन और सतीश सहित दो अन्य बैठे थे। पुलिस के अनुसार इनके विरोधी गुट के बदमाश रूपा मीणा, गणेश जाट, कैलाश झालाना और अनिल करौली फायरिंग करने वालों में शामिल थे।

गोली का बदला गोली

सूत्र बताते हैं कि मंगलवार तड़के फायरिंग मॉडल टाउन (Model town) में हुई। यहां विरोधी गुट का बदमाश रूपा मीणा रहता है। बदमाशों ने उसके घर के पास ताबड़तोड़ फायरिंग कर दहशत फैला दी, जिससे स्थानीय निवासी सहम गए। रूपा का विरोधी गुट के बदमाश कैलाश से विवाद चल रहा है।

विवाद का कारण भी कैलाश की ओर से सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने को लेकर था। पुलिस के अनुसार दोनों ही गुटों में शातिर बदमाश जुड़े है और गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें दबिश दे रही हैं।

सोमवार को रूपा सहित अन्य बदमाशों ने कैलाश सहित अन्य पर फायर किए। सभी बदमाश कार में बैठे थे ऐसे में बदमाशों पर सटीक निशाना नहीं लगना सिर्फ भय पैदा करने से जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसा ही मंगलवार को हुई फायरिंग में सामने आया।

सूत्रों की मानें तो फायरिंग रूपा के घर के पास हुई, जबकि विरोधी गुट को पता है कि वह फायरिंग के बाद फरार है। ऐसे में इस घटना को सिर्फ विरोधी गुट को चेतावनी समझा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। हालांकि पुलिस ने गैंगवार और बड़े खून-खराबे से बचने के लिए ठोस रणनीति बनाकर दोनों ही गैंग पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।