राजनीतिक नियुक्तियों में उपाध्यक्ष बने नेताओं की पीड़ा फिर आई बाहर, मंत्री पद नहीं मिलने से बढ़ रही नाराजगी

-बोर्ड-निगमों और आयोगों के उपाध्यक्ष को सैलरी मिलना तो शुरू हुई लेकिन राज्य मंत्री या उप मंत्री का दर्जा नहीं मिल पाया-कई बोर्ड-निगमों के उपाध्यक्षों के पास बैठने के लिए कार्यालय तक नहीं

August 10, 2022 1:41 pm
राजनीतिक नियुक्तियों में उपाध्यक्ष बने नेताओं की पीड़ा फिर आई बाहर, मंत्री पद नहीं मिलने से बढ़ रही नाराजगी

 

जयपुर।  राजनीतिक नियुक्तियों के तहत में बोर्ड-निगमों और आयोगों में उपाध्यक्ष बनाए गए नेता नियुक्ति के बाद से ही सरकार और पार्टी से नाराज चल रहे हैं। इनकी नाराजगी इस बात को लेकर है कि सरकार ने बोर्ड-निगमों और आयोगों के चेयरमैन को तो राज्य मंत्री और कैबिनेट मंत्री का दर्जा दे दियाा

। लेकिन उपाध्यक्ष बनाए गए नेताओं को राज्य मंत्री और उप मंत्री का दर्जा नहीं दिया गया है, जिससे उपाध्यक्ष बनाए गए नेता बिना शक्तियों के ही काम कर रहे हैं। इसे लेकर अब बोर्ड-निगम और आयोगों में उपाध्यक्ष बनाए गए नेताओं की नाराजगी भी सामने आने लगी है।

हालांकि गहलोत सरकार ने बोर्ड-निगमों और आयोग में उपाध्यक्ष बन गए नेताओं को तनख्वाह और वेतन भत्ते के आदेश जुलाई माह में जारी किए थे लेकिन उन्हें किसी प्रकार की कोई शक्तियां नहीं दी गई हैं जिससे बोर्ड निगम आयोग के उपाध्यक्ष चाहकर भी कोई काम नहीं कर पा रहे हैं।

बोर्ड-निगमों में एडजस्ट किए गए कई उपाध्यक्ष तो ऐसे हैं जिनके पास बैठने के लिए कार्यालय तक नहीं है और उनसे मिलने आने वाले कार्यकर्ता और अन्य नेताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। युवा बोर्ड के उपाध्यक्ष बनाए गए कांग्रेस नेता सुशील पारीक ने कहा कि वो राजनीति में तनख्वाह  लेने नहीं आए थे। सरकार को बोर्ड निगमों के उपाध्यक्ष को पावर देनी चाहिए जिससे कि  वो कांग्रेस कार्यकर्ताओं के काम कर सकें, जब पावर ही नहीं दी गई है तो फिर कार्यकर्ताओं के काम कैसे करेंगे।

 उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री या फिर उप मंत्री का दर्जा देने के लिए बोर्ड-निगम  और आयोग के उपाध्यक्ष कई बार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समक्ष भी गुहार लगा चुके हैं। हालांकि मुख्यमंत्री गहलोत की ओर से बोर्ड निगम और आयोगों के उपाध्यक्ष को उप मंत्री बनाने का आश्वासन दिया गया था लेकिन इसके आदेश अभी तक जारी नहीं हुए हैं। हालांकि जुलाई माह में सरकार ने बोर्ड निगम और आयोगों के उपाध्यक्ष के लिए वेतन, यात्रा और आवास सुविधा के लिए वेतन भत्ते के आदेश जारी किए थे।

इन 23 नेताओं को बनाया था बोर्ड- निगमों और आयोगों में उपाध्यक्ष

 दीपचंद खेरिया, पंकज मेहता, सचिन सरवटे, सुमेर सिंह, डूंगरराम गेदर,सतवीर चौधरी,

 राजेश टंडन, रामसहाय बाजिया,

 सांवरमल मेहरिया, चुन्नीलाल राजपुरोहित,

किशनलाल जैदिया,रमिला खड़िया,

सुशील पारीक,चतराराम देशबंधु,जगदीश श्रीमाली है।

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