जयपुर सूटकेस मर्डर केस मामले में कर्जा चुकाने के लिए हत्या करी थी

 

जयपुर। जयपुर के बहुचर्चित सूटकेस केस में चौकाने वाले बात सामने आई है ।प्रेमी का कर्जा चुकाने के लिए युवती ने दोस्त की हत्या करने के बाद भी दूसरे लोगों को शिकार बनाने की साजिश रचती रही। आपको बता दें कि कर्ज के बोझ से दबे प्रेमी दीक्षांत की मदद करने के लिए युवती प्रिया सेठ ने प्रेमी दीक्षांत और दूसरे साथी लक्ष्य वालिया के साथ झोटवाड़ा निवासी युवक दुष्यंत की हत्या कर दी थी। इससे पूर्व आरोपियों ने दुष्यंत के पिता से फिरौती के नाम पर 3 लाख रुपए भी अपने खाते में डलवा लिए थे। इसके बाद भी आरोपियों ने पछतावा करने के बजाय अन्य लोगों को फंसाने की साजिश जारी रखी।

आरोपी दुष्यंत की हत्या करने के बाद अगले शिकार की तलाश में शहर के एक होटल में पहुंचे और वहां भी एक व्यापारी से प्रिया ने 10 हजार रुपए ठगे और प्रेमी दीक्षांत के साथ भाग गई। पुलिस जांच में सामने आया कि प्रिया पैसों के लिए किसी भी हद तक गुजर सकती थी।

प्रिया ने पुलिस को बताया कि दो माह पहले जब उसने सोशल मीडिया पर दुष्यंत से दोस्ती की तब दुष्यंत ने खुद काे दिल्ली निवासी विवान कोहली बताकर टिंडर पर बातें कीं। दुष्यंत ने खुद को दिल्ली का अरबपति व्यापारी बताया था। तभी से प्रिया और उसके साथी दुष्यंत को फंसाने की साजिश रच रच रहे थे। दुष्यंत के अपहरण के बाद जब उसकी असलियत सामने आई तो पकड़े जाने के डर से उन्होंने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी।

11 मई तक रिमांड
दुष्यंत की हत्या के आरोप में अधीनस्थ कोर्ट ने तीनों को पुलिस 11 मई तक रिमांड पर सौंप दिया। एसीएमएम संख्या तीन के सामने आरोपी प्रिया सेठी, दीक्षांत और लक्ष्य को पेश किया। जहां जांच अधिकारी ने तीनों से बरामदगी के लिए रिमांड मांगा।

अनैतिक कामों में लिप्त थी प्रिया सेठ 
पूछताछ में पता चला कि प्रिया सेठ अनैतिक कामों में लिप्त थी। वह फोन पर लोगों को भीड़ भाड़ वाली जगह बुलाती और पैसे ऐंठकर भाग जाती। पीड़ित लोग बदनामी के डर से पुलिस तक नहीं पहुंच पाते। प्रिया ने पहले मानसरोवर में किराये पर फ्लैट लिया था। वहां एक युवक फर्नीचर का काम करने आता था। प्रिया ने उससे भी दोस्ती कर ली और फिर युवक को दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी देकर उसके साथ एटीएम लूटने की साजिश रची। इसके अलावा वह लोगों से दोस्ती करती और फ्लैट पर बुलाकर खुद के कपड़े फाड़कर दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी देती और पैसे ऐंठ लेती थी।