जयपुर

शिक्षा विभाग – प्रदेश में स्कूल खोल दिए लेकिन कोविड प्रोटोकॉल की पालना नहीं,पालना नही करने वालो के खिलाफ कार्रवाई होगी -कानाराम

जयपुर/ प्रदेश में सरकार ने सभी सरकारी और निजी स्कूल खोल दिए हैं तथा इस माह में सभी सरकारी स्कूलों व निजी स्कूलों को पूरी संख्या से खोल दिया गया है लेकिन हकीकत ही है की अभी भी स्कूलों में कोविड-19 कॉल की पालना पूरी तरह से नहीं हो रही है और नहीं स्कूलों को सैनिटाइजर मास्क हाइपोक्लोराइट किया जा रहा है और न ही विद्यार्थी माॅस्क लगा कर आ रहे है ।

कल ही राजधानी की एक स्कूल के दो विद्यार्थियों के कोरोनावायरस निकलने पर शिक्षा निदेशक ने इसे गंभीरता से लिया है और कहा कि स्कूलों में कोरोना पर कॉल की पालना नहीं करने वाले विभाग के अधिकारियों व संस्था प्रधानों के खिलाफ कार्यवाही अमल में लाई जाएगी ।

स्कूलो मे बच्चाें काे बिना मास्क के कक्षा कक्ष में बिठाया जा रहा है, सेनेटाइजर की व्यवस्था नहीं है, साेडियम हाइपाेक्लाेराइड का छिड़काव भी नहीं हाे रहा है। ज्यादातर स्कूलों में बच्चाें के हाथ सेनेटाइज नहीं किए जा रहे और ना ही थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है।

क्लास रूम में साेडियम हाइपाेक्लाेराइड का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। बसाें, ऑटाे व बाल वाहिनियाें में भी नियमाें की पालना नहीं की जा रही है। कक्षा एक से लेकर 5वीं और सीनियर क्लासेज के विद्यार्थियों काे भी बिना साेशल डिस्टेंस के ही बिठाया जा रहा है। जबकी शिक्षामंत्री गाेविंदसिंह डाेटासरा ने कहा था कि स्कूल के एसएमसी व एसडीएमसी बजट से ये सारे प्राेडक्ट्स खरीदे जाएंगे।

स्कूल खोलने की घोषणा करते समय शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा था कि समय-समय पर निरीक्षण करते हुए इसकी जांच भी कराई जाएगी, लेकिन ये सभी दावे हकीकत में नहीं बदले हैं। स्कूलाें में भोजन अवकाश किया जा रहा है।

स्कूलाें में छात्र-छात्राओं काे साेशल डिस्टेंस से नहीं बिठाया जा रहा है। कई स्कूलाें में ताे पर्याप्त कक्षा कक्ष की कमी है। बच्चे पानी की बाेटल तक नहीं ला रहे हैं।

 

स्कूलाें में एसओपी की पालना सुनिश्चित करवाना बहुत जरूरी है। सभी काे साफ-सफाई, सेनेटाइजर, साेडियम हाइपाेक्लाेराइड से कक्षाकक्षाें की फाेगिंग करने के निर्देश स्कूल खुलने से पहले ही दिए गए हैं।अगर इसकी कोविड प्रोटोकॉल की पालना नही हो रही है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी ।

कानाराम(आईएएस)
निदेशक माध्यमिक शिक्षा निदेशालय
बीकानेर

केमिकल व्यवसायी दीपक विजयवर्गीय ने बताया कि 200 विद्यार्थियों वाले स्कूलाें में एक दिन में कम से कम दाे बार विद्यार्थियों के हाथ सेनेटाइज कराएं, ताे डेढ़ लीटर सेनेटाइजर लगेगा जाे करीब 200 रुपए में आएगा। कक्षा कक्ष में छिड़काव के लिए 27 रुपए का डेढ़ लीटर साेडियम हाइपाेक्लाेराइड लगेगा। हाथ धाेने के लिए दाे साबुन प्रतिदिन चाहिए। अच्छी क्वालिटी का मास्क 2 रुपए में आता है और यदि 100 बच्चे मास्क लगाकर नहीं आएं ताे 200 रुपए राेज का खर्चा आएगा। ऐसे में एक दिन में एक स्कूल में करीब 450 रुपए खर्चा हाेता है।।

 

क्या कहते विशेषज्ञ

कक्षाओं में बच्चों को सोशल डिस्टेंस से बिठाना जरूरी काेविड एप्राेपिएट बिहेवियर में मास्क, सेनेटाजर, साेशल डिस्टेंस की पालना बहुत जरूरी है। अभी बच्चाें काे वैक्सीन नहीं लगी है। काेविड का खतरा अभी टला नहीं है। काेविड का नया वेरिएंट आ गया ताे बिना मास्क व सेनेटाइजेशन के बच्चाें काे पास-पास बिठाना घातक साबित हाे सकता है। वहीं अभी बच्चाें में डेंगू, स्क्रब टाइफस, वायरल इंफेक्शन तेजी से फैल रहा है। ऐसे में बच्चाें की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।

Dr. CHETAN THATHERA
चेतन ठठेरा ,94141-11350 पत्रकारिता- सन 1989 से दैनिक नवज्योति - 17 साल तक ब्यूरो चीफ ( भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़) , ई टी राजस्थान, मेवाड टाइम्स ( सम्पादक),, बाजार टाइम्स ( ब्यूरो चीफ), प्रवासी संदेश मुबंई( ब्यूरी चीफ भीलवाड़ा),चीफ एटिडर, नामदेव डाॅट काम एवं कई मैग्जीन तथा प समाचार पत्रो मे खबरे प्रकाशित होती है .चेतन ठठेरा,सी ई ओ, दैनिक रिपोर्टर्स.कॉम